मेडिटेशन
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चौथा चरण- अब अपनी सांसो को बिना रुके एक गति से आने जाने दें और सांसों की इस गति पर ध्यान केंद्रित करें। सांसों को नियंत्रित न करें, बल्कि इस बात पर ध्यान लगाएं कि सांस कितनी देर तक आई और कितनी देर बाद अपने आप निकल गई। ध्यान लगाते समय आपको महसूस करना है कि कैसे सांस आपकी नाक से होकर गले, सीने से गुजरती हुई नाभि तक जा रही हैं। आप अपनी सांसों को अपनी पसलियों महसूस करेंगे।