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योग टिप्स: पूरे दिन कुर्सी पर बैठे रहते हैं? शाम को सिर्फ 10 मिनट करें ये योगासन

Tue, 01 Sep 2026 12:44 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Easy Stretches & Yoga for Desk Workers: आप चाहें तो ऑफिस से लौटने के बाद या वर्क फ्रॉम होम में काम खत्म करने के तुरंत बाद 10 मिनट निकाल सकते हैं। अभ्यास हमेशा आरामदायक तरीके से करें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। 
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दिनभर बैठे रहने वालों के लिए योग - फोटो : AI
10-Minute Yoga After Work: आजकल डेस्क जॉब और वर्क फ्रॉम होम के कारण कई लोगों का दिन लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर गुजरता है। सुबह काम शुरू करने से लेकर शाम तक लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहने से शरीर को पर्याप्त मूवमेंट नहीं मिल पाता। काम खत्म होने के बाद अक्सर शरीर में अकड़न महसूस होती है और मन भी थका हुआ लगता है। ऐसे में शाम के समय सिर्फ 10 मिनट की आसान योग रूटीन आपके दिन को एक बेहतर तरीके से खत्म करने का मौका दे सकती है।

इसके लिए आपको किसी जटिल योग अभ्यास या लंबे वर्कआउट की जरूरत नहीं है। कुछ सरल स्ट्रेचिंग और योगासन गर्दन, कंधों, पीठ, कूल्हों और पैरों को हल्का मूवमेंट देने में मदद कर सकते हैं। खास बात यह है कि इस रूटीन को घर पर बिना किसी खास उपकरण के किया जा सकता है।

आप चाहें तो ऑफिस से लौटने के बाद या वर्क फ्रॉम होम में काम खत्म करने के तुरंत बाद 10 मिनट निकाल सकते हैं। अभ्यास हमेशा आरामदायक तरीके से करें और शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें। आइए जानते हैं ऐसी ही एक आसान 10 मिनट की शाम की योग रूटीन, जिसे खास तौर पर लंबे समय तक बैठने वालों के लिए अपनाया जा सकता है।

जरूरी सावधानी
  • योग करते समय दर्द, चक्कर या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुकें।
  • शुरुआती लोग अपनी क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें।
  • अगर आपको कोई चोट, गंभीर दर्द या ऐसी स्वास्थ्य समस्या है जिसमें व्यायाम प्रभावित हो सकता है, तो योग शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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गर्दन की स्ट्रेचिंग - फोटो : AI
शुरुआत करें गहरी सांसों से
  • सबसे पहले आराम से बैठें या खड़े हों।
  • आंखें बंद करके धीरे-धीरे सांस अंदर लें और आराम से बाहर छोड़ें।
  • कंधों को ढीला रखें और अपना ध्यान सांसों पर केंद्रित करें।
  • इससे योग रूटीन की शुरुआत शांत तरीके से की जा सकती है।

नेक स्ट्रेच 
  • गर्दन को धीरे-धीरे दाएं और बाएं झुकाएं।
  • इसके बाद आराम से ऊपर और नीचे देखें।
  • किसी भी मूवमेंट को झटके से न करें।
  • स्क्रीन के सामने लंबे समय तक रहने के बाद यह हल्का स्ट्रेच गर्दन को मूवमेंट देने में मदद कर सकता है।
 
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मार्जरी आसन - फोटो : Istock
कैट-काउ स्ट्रेच (मार्जारीआसन-बिटिलासन)
  • दफ्तर में पूरा दिन बैठकर काम करते हैं तो दो मिनट मार्जरी आसन करें।
  • मैट पर टेबलटॉप पोजीशन में आएं।
  • सांस लेते हुए छाती को थोड़ा आगे खोलें।
  • सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें।
  • इस मूवमेंट को अपनी सुविधा के अनुसार धीरे-धीरे दोहराएं।
  • यह रीढ़ को हल्का मूवमेंट देने वाली लोकप्रिय योग एक्सरसाइज है।

बालासन 
  • एक मिनट बालासन का अभ्यास करें।
  • घुटनों के बल बैठकर शरीर को धीरे से आगे की ओर झुकाएं।
  • माथे को मैट की ओर ले जाएं।
  • हाथों को आगे की तरफ रखें या शरीर के पास आराम दें।
  • जितना आरामदायक लगे उतना ही झुकें और सामान्य सांस लेते रहें।
 

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पश्चिमोत्तानासन योग - फोटो : amar ujala
लो लंज स्ट्रेच 
  • 2 मिनट प्रतिदिन शाम को अंजनेयासन का अभ्यास करें।
  • इसके लिए मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • फिर एक पैर को आगे तक लाएं।
  • दूसरे घुटने को मैट पर रखकर धीरे से लंज पोजीशन में आएं।
  • कुछ सांसों तक रुकें और फिर पैर बदलें।
  • लंबे समय तक बैठने के बाद कूल्हों और पैरों को स्ट्रेच करने के लिए यह आसान विकल्प हो सकता है।


सीटेड फॉरवर्ड स्ट्रेच (पश्चिमोत्तानासन)
  • पैरों को सामने फैलाकर बैठें।
  • कमर से धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें।
  • पैरों तक पहुंचने के लिए शरीर पर जोर न डालें।
  • जहां तक आराम से पहुंच सकें, वहीं रुकें और सामान्य सांस लेते रहें।
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शवासन - फोटो : इंस्टाग्राम
शवासन और रिलैक्सेशन
  • पीठ के बल आराम से लेट जाएं।
  • हाथ और पैर ढीले छोड़ें।
  • आंखें बंद करके धीमी सांस लें।
  • रोजाना दो मिनट शवासन का अभ्यास करें और शरीर को आराम दें।
  • कुछ मिनट का यह रिलैक्सेशन शरीर और दिमाग को दिन के काम से अलग होने का मौका दे सकता है।
 
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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