कोरोनाकाल में जैसे ही घोषणा हुई कि इस खतरनाक वायरस से लोगों को बचाने के लिए देश के हित में लॉकडाउन का फैसला लिया जा रहा है, लोगों का जनजीवन अलग-अलग तरह से प्रभावित हुआ। लेकिन बहुत ही जल्दी यह स्पष्ट हो गया कि जिस तरह से इस निर्णय ने देश के मजदूर वर्ग को प्रभावित किया है, समाज का कोई भी अन्य वर्ग इतना संकट में नहीं था। मजदूर, रोज कमाने और खाने वाले लोग होते हैं उनके पास बचत का कोई विकल्प नहीं होता है, ऐसे में उनके लिए जीवनयापन करना आए दिन दुर्भर होता जा रहा था। अगली स्लाइड्स में जानिए कोरोनाकाल में लगे देशव्यापी लॉकडाउन ने किस तरह कर दिया था मजदूरों का जीवन तहस-नहस।