प्रतिवर्ष 19 नवंबर को समस्त विश्व में ’वर्ल्ड टॉयलेट डे’ मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व में आज भी लगभग आधी आबादी बिना टॉयलेट के जीवनयापन कर रही है, हाइजीन की दृष्टि से जो कि वाकई खतरनाक है। खुले में शौच करना मतलब बीमारियों को न्योता देना है। लोगों को टॉयलेट के उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई। पिछले कई सालों के सतत प्रयासों के बावजूद भारत में आज भी कई जगह ऐसी हैं, जहां लोग खुले में ही शौच करते हैं। खुले में शौच करने का सबसे अधिक दुष्प्रभाव महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानते हैं वर्ल्ड टॉयलेट डे का इतिहास एंव इससे जुड़ी जानकारी।