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Chhath Puja 2020: सुहाग की लंबी आयु के लिए छठ पर्व पर महिलाएं इस प्रकार भरती हैं मांग में सिंदूर

Wed, 18 Nov 2020 12:43 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Chhath Puja 2020 - फोटो : PTI
प्रतिवर्ष कार्तिक मास की चतुर्थी को चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत हो जाती है। छठ पर्व पर सूर्य देव एवं छठी मैया का पूजन होता है। उत्सव के दौरान संतान प्राप्ति एवं पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। संध्या एवं उषा अर्ध्य के लिए जब महिलाएं तैयार होती हैं तो उनका शृंगार मांग में सिंदूर भरे बिना अधूरा माना जाता है। महिलाएं गहरा एवं लम्बा सिंदूर इसलिए भरती हैं ताकि उनके सुहाग की खूब लंबी आयु रहे। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानते हैं कि छठ पूजा में क्या है महिलाओं द्वारा लंबा सिंदूर भरने का महत्व और उससे जुड़ी मान्यता।


 
 
 
 
 
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
यह है मान्यता-
जनश्रुतियों के अनुसार छठ पूजा पर महिलाओं द्वारा सिंदूर लगाने के पीछे तरह-तरह की मान्यताएं हैं। उन्हीं मान्यताओं में से एक मान्यता के अनुसार, जो स्त्री अपने मांग के सिंदूर को बालों में छिपा लेती है, उसका पति समाज में भी छिप जाता है। उसके पति को समाज में उतना सम्मान नहीं मिल पाता है, जितने का वो हकदार होता है। इसलिए यह कहा जाता है कि सिंदूर लंबा और ऐसे लगाएं कि सभी को दिखे और महिलाएं छठ पूजा पर ऐसा करती भी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
 पूजा में सिंदूर का महत्व-
छठ पूजा के दौरान सिंदूर माथे से लगाना आरंभ करके और जितनी लंबी मांग हो उतना भरा जाना चाहिए। कई औरतें तो नाक से लेकर पीछे मांग तक सिंदूर भरती हैं। उत्तरप्रदेश और बिहार में इस तरह से सिंदूर भरने की परम्परा है। कहा जाता है कि यदि स्त्री की मांग में अच्छे से सिन्दूर भरा है और सिंदूर की रेखा काफी लंबी दिखाई देती है, तो उसके पति की आयु लंबी होती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
इस तरह लगाएं सिंदूर-
अगर आप भी ये व्रत रख रही हैं तो पूजन के समय मांग में पीला सिंदूर जरूर लगाएं। इसे नाक से शुरू करते हुए मांग के बीच तक ले जाएं और साथ ही इसे गाढ़ा लगाएं ताकि ये नजर आए। सिंदूर लगाने के लाए आप माचिस की तीली का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे सिंदूर पूरा एक जैसा लगेगा। संध्या अर्ध्य एवं उषा अर्ध्य के समय तो सिंदूर लगाना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
 
 
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