प्रतिवर्ष कार्तिक मास की चतुर्थी को चार दिवसीय छठ पर्व की शुरुआत हो जाती है। छठ पर्व पर सूर्य देव एवं छठी मैया का पूजन होता है। उत्सव के दौरान संतान प्राप्ति एवं पति की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखती हैं। संध्या एवं उषा अर्ध्य के लिए जब महिलाएं तैयार होती हैं तो उनका शृंगार मांग में सिंदूर भरे बिना अधूरा माना जाता है। महिलाएं गहरा एवं लम्बा सिंदूर इसलिए भरती हैं ताकि उनके सुहाग की खूब लंबी आयु रहे। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानते हैं कि छठ पूजा में क्या है महिलाओं द्वारा लंबा सिंदूर भरने का महत्व और उससे जुड़ी मान्यता।