विश्वभर में पिछले ग्यारह वर्षों से गौरैया दिवस मनाया जा रहा है पर प्रश्न यह है कि इस दिन को मनाने की आवश्यकता आन क्यों पड़ी? और यदि मनाते ही तो गौरैयाओं के अस्तित्व के लिए ईश्वर को धन्यवाद प्रेषित करते हुए क्यों नहीं मना सकते हम? गौरैया का न दिखना बिन बोले ही सारे प्रश्नों का जवाब दे देता है। आज गौरैया सिर्फ पुस्तकों, कविताओं में ही है। गांव में यदि कभी कोई गौरैया दिख जाए तो बच्चे झूम उठते हैं लेकिन समस्त मानव समाज के लिए शर्म की बात है कि गौरैया अब विलुप्ति की कगार पर है और इसका संरक्षण हमारा परम कर्तव्य होना चाहिए जो कि आज भी नहीं है, बस इसी बात को याद दिलाने के लिए हम प्रतिवर्ष विश्व गौरैया दिवस मनाते हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए गौरैया दिवस का इतिहास, महत्व और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।