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World Rivers Day 2020: विश्व नदी दिवस पर अपनों को भेजें संदेश, बताएं नदियों का महत्व

Sun, 27 Sep 2020 08:44 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विश्व नदी दिवस 2020 - फोटो : Amar Ujala
नदियों के बिना धरती पर जीवन की कल्पना करना मुमकिन नहीं है। नदियां है तो जीवन है।  धरती के 71 फीसदी हिस्सा पानी है, लेकिन 97.3 फीसदी पानी पीने योग्य नहीं है। शेष 2.7 फीसदी जल हमें नदियों, झीलों, तालाबों से प्राप्त होता है। नदियों के इसी महत्व के प्रति जागरूकता के लिए विश्व नदी दिवस मनाए जाने की शुरुआत की गई। हर साल सितंबर के अंतिम रविवार को विश्व नदी दिवस मनाया जाता है। साल 2005 में इसकी शुरुआत हुई। इस बार यह 27 सितंबर को है। इस अवसर पर आप भी अपनों को नदियों का महत्व बताते संदेश शेयर कर सकते हैं। 
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विश्व नदी दिवस 2020 - फोटो : Amar Ujala
ईश्वर ने मानव जीवन देने के लिए नदियों को बनाया। नदियां है तो धरती पर जीवन है। हमें उन्हें संरक्षित करना है।

विश्व नदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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विश्व नदी दिवस - फोटो : Amar Ujala
विश्व नदी दिवस हमें याद दिलाता है कि नदियों को बचाने की जिम्मेदारी हम पर है। हमें इसे प्रदूषित नहीं करना चाहिए और इसके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

विश्व नदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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विश्व नदी दिवस - फोटो : Amar Ujala
नदियां हमारा वर्तमान भी हैं और वे हमारा भविष्य भी है। नदियों के प्रदूषित होने से न केवल जलीय जीवों का बल्कि हमारा जीवन भी संकट में पड़ सकता है। आइए, हम मिलकर नदियों को संरक्षित करने की दिशा में कदम उठाएं।

विश्व नदी दिवस की शुभकामनाएं
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विश्व नदी दिवस - फोटो : Amar Ujala
नदियां हमारी जीवन रेखा की तरह हैं। नदियां हमें जीवन देती हैं। उनके बिना मानव जीवन की परिकल्पना नहीं की जा सकती।  इसलिए नदियों को संरक्षित किया जाना चाहिए।

 विश्व नदी दिवस की शुभकामनाएं
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नदियों की तरह झरना का पानी भी मीठा होता है - फोटो : Amar Ujala
विशाल महासागर भी वह जरूरत पूरी नहीं कर सकता है जो एक नदी कर सकती है। बेहतर जीवन के लिए नदियों को प्रदूषण से बचाने और उन्हें संरक्षित करने की जरूरत है।  

विश्व नदी दिवस की शुभकामनाएं
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मालूम हो कि न केवल भारत, बल्कि ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका, पोलैंड, दक्षिण अफ्रिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और बांग्लादेश में नदियों की रक्षा को लेकर कई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। हालांकि कोरोना महामारी काल में कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। भारत में तो अनादि काल से नदियों को दैवीय महत्व दिया गया है। पूर्वांचल में पवित्र नदियों के किनारे मनाया जाने वाला छठ महापर्व दुनियाभर में प्रसिद्ध है। 
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