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World Menstrual Hygiene Day 2020: पीरियड्स में स्किन के हिसाब से चुनें सैनिटरी पैड, नहीं होगी रैशेज की समस्या

Thu, 28 May 2020 11:18 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
महिलाओं की जिंदगी में मासिक धर्म की प्रक्रिया अहम हिस्सा है। हर माह में महिलाओं को दो से सात दिन की अवधि तक इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस हिसाब से एक महिला को अपने जीवनकाल में करीब 3000 दिन तक इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार मासिक धर्म के दौरान हाइजीन से जुड़ी लापरवाही के कारण कई तरह के समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सैनिटरी पैड से लेकर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से सैनिटरी पैड समेत साफ-सफाई के बारे में बताएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सैनिटेशन का सही तरीका
पीरियड पैटर्न के हिसाब से आपको सही सैनिटरी नैपकीन का चयन करना चाहिए। आप अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों और दिनों के हिसाब से अलग-अलग तरह के सैनिटरी नैपकीन का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ महिलाओं को शुरुआत के दिनों में तेज और बाद में हल्का फ्लो होता है। ऐसे में शुरुआती दिनों में लंबे व एक्सट्रा एब्ज़ॉर्पशन वाला और कम फ्लो वाले दिनों में सामान्य नैपकिन का इस्तेमाल करना चाहिए। गलत सैनिटरी पैड के कारण रैशेज की समस्या हो सकती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
क्लीनिंग मैकेनिज्म
वजाइना को साफ करने का एक तरीका होता है, जो गुड और बैड बैक्टीरिया के बीच बैलेंस बनाकर रखता है। इसे साबुन से साफ करने से गुड बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं, जिससे इंफेक्श की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में वजाइनल एरिया को गुनगुना पानी से ही साफ करना चाहिए। अगर आप किसी इंटीमेट वॉश या साबुन का इस्तेमाल भी कर रही हैं, तो बाहरी हिस्सों में ही करें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सैनिटरी पैड का चयन
एक अच्छे सैनिटरी पैड की यह खासियत होती है कि वो कम समय में ही ज्यादा से ज्यादा नमी सोख लता है। इसके साथ ही वो अवशोषित नमी को सेंट्रल कोर में लॉक कर देता है। ऐसे सैनिटरी पैड से तेज फ्लो होने पर भी लीकेज की आशंका कम हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
समय के हिसाब से सैनिटरी पैड
साधारण तौर पर पीरियड्स के शुरुआती दिनों में तेज ब्लड फ्लो होता है। इस दौरान एक ऐसे सैनिटरी पैड की जरूरत होती है, जो नमी को आसानी से सोख सके। सैनिटरी पैड्स को दो भागों में बांटा गया है- डे पैड्स और नाइट पैड्स। डे पैड्स की की लंबाई 17 से 25 सेंटीमीटर तक होती है। वहीं नाइट पैड्स 35 सेंटीमीटर तक लंबे होते हैं। लंबे पैड्स ज्यादा नमी सोखते हैं।
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