पिछले सालों में न जाने हमने कितने ही वृक्ष काटे होंगे और न जाने किन-किन तरीकों से पर्यावरण को दूषित किया होगा जिसका परिणाम आज हम सभी के सामने हैं। प्रकृति को मनुष्य की आवश्यकता नहीं है बल्कि मनुष्य प्रकृति के बिना अधूरा है, यह बात बोलने- सुनने में तो बहुत आती है लेकिन इसे आत्मसात कम ही लोगों ने किया है। पर्यावरण को जब बचाने की बात आती है तो लोग कर्म के सिद्धांत तक पहुंच ही नहीं पाते हैं लेकिन हमारे छोटे -छोटे प्रयत्न भी पर्यावरण को बचाने में बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि हम पर्यावरण के प्रति कोई आत्मीयता रखते हैं तो हमें कोई बहुत बड़ा या महान कार्य नहीं करना होगा। हमें अपने जीवन में छोटे-छोटे अपितु अर्थपूर्ण बदलावों को शामिल करना होगा और महान काम अपने आप हो जाएगा। छोटे-छोटे बदलाव मिलकर एक बड़ा बदलाव लाने में सक्षम होते हैं, इस बात को भूलना नहीं है। अगली स्लाइड्स से जानिए अपनी जीवनचर्या में किन बातों को शामिल करके हम पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूरण योगदान दे सकते हैं।