फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Women's Day 2025: जब गुलाबी था पुरुषों का रंग, फिर कैसे हुआ सिर्फ महिलाओं के नाम, जानें दिलचस्प इतिहास

Fri, 07 Mar 2025 10:02 AM IST
दीक्षा पाठक लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Pink Color History: आज के दौर में पारंपरिक धारणाएं टूट रही हैं। फैशन इंडस्ट्री और पॉप कल्चर में गुलाबी रंग फिर से अपनी सीमाएं लांघ रहा है। अब यह सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुरुष भी इसे आत्मविश्वास के साथ अपना रहे हैं। सेलिब्रिटीज, डिजाइनर्स और ब्रांड्स "जेंडर न्यूट्रल" फैशन को बढ़ावा दे रहे हैं।
विज्ञापन
1 of 5
वुमन डे - फोटो : freepik.com
आज के दौर में गुलाबी रंग को नारीत्व का प्रतीक माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब यह रंग पुरुषों की पहचान हुआ करता था? रंगों को लेकर समाज की सोच समय के साथ बदलती रही है, और गुलाबी भी इस बदलाव का एक अनूठा उदाहरण है। आइए जानें, कैसे गुलाबी पुरुषों से महिलाओं का रंग बन गया।
विज्ञापन

2 of 5
वुमंस डे 2025 - फोटो : freepik.com
जब गुलाबी था मर्दानगी का प्रतीक
18वीं और 19वीं शताब्दी में पश्चिमी समाज में गुलाबी रंग को शक्ति, ऊर्जा और साहस का प्रतीक माना जाता था। हल्का नीला रंग कोमलता और शांति का द्योतक माना जाता था, जिसे महिलाओं के लिए उपयुक्त समझा जाता था। गुलाबी, लाल का हल्का रूप होने के कारण, पुरुषों के लिए आदर्श माना जाता था, क्योंकि लाल रंग को शक्ति और पराक्रम का प्रतीक समझा जाता था।
विज्ञापन

3 of 5
वुमंस डे 2025 - फोटो : freepik.com
20वीं सदी का बदलाव: जब फैशन ने बदली परिभाषाएं
20वीं शताब्दी के मध्य में फैशन और मार्केटिंग ने रंगों को लिंग आधारित बनाना शुरू कर दिया। 1940 के दशक में अमेरिकी कंपनियों ने गुलाबी को लड़कियों और नीले को लड़कों से जोड़कर अपने उत्पादों का प्रचार शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह विचार समाज में इतना गहरे तक समा गया कि गुलाबी पूरी तरह महिलाओं का रंग माना जाने लगा।

4 of 5
वुमंस डे 2025 - फोटो : freepik.com
आधुनिक दौर में गुलाबी की वापसी
आज के दौर में पारंपरिक धारणाएं टूट रही हैं। फैशन इंडस्ट्री और पॉप कल्चर में गुलाबी रंग फिर से अपनी सीमाएं लांघ रहा है। अब यह सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुरुष भी इसे आत्मविश्वास के साथ अपना रहे हैं। सेलिब्रिटीज, डिजाइनर्स और ब्रांड्स "जेंडर न्यूट्रल" फैशन को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे गुलाबी फिर से सबका रंग बन रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
वुमंस डे 2025 - फोटो : freepik.com
 एक रंग, कई परिभाषाएं
गुलाबी रंग का पुरुषों से महिलाओं तक का सफर एक दिलचस्प सांस्कृतिक बदलाव को दर्शाता है। यह हमें यह समझाने में मदद करता है कि रंगों की कोई सीमा नहीं होती, बल्कि समाज की धारणाएं उन्हें अर्थ देती हैं। मार्केटिंग और फैशन इंडस्ट्री की भूमिका इस बदलाव में महत्वपूर्ण रही है, लेकिन अब यह रंग फिर से हर किसी के लिए खुला है, बिना किसी सीमा और परिभाषा के।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें