फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vande Mataram Lyrics: अब हर भाषण और समारोह से पहले गाना होगा राष्ट्रगीत, यहां पढ़ें पूरी लिरिक्स

Thu, 12 Feb 2026 01:03 PM IST
श्रुति गौड़ लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Vande Mataram Full Lyrics In Hindi: हाल ही में केंद्र सरकार ने आधिकारिक मौकों पर वंदे मातरम् के छह अंतरा वाले संस्करण को बजाना अनिवार्य कर दिया है। यहां उसकी पूरी लिरिक्स दी जा रही है- 
विज्ञापन
1 of 2
अब हर भाषण और समारोह से पहले गाना होगा राष्ट्रगीत - फोटो : अमर उजाला
Vande Mataram Full Lyrics In Hindi: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के पूरे छह अंतरों वाले 3 मिनट 10 सेकंड के संस्करण को आधिकारिक अवसरों और भाषणों से पहले बजाना अनिवार्य कर दिया है। नए प्रोटोकॉल के अनुसार अब राष्ट्रगान से पहले हमेशा वंदे मातरम् बजेगा। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को सम्मान में खड़े रहना होगा।

आपको बता दें कि  ‘वंदे मातरम्’ की रचना महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी ने 1870 के दशक में बंगाली भाषा में की थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इसे मातृभूमि की महिमा और देशभक्ति का प्रतीक माना गया। आजादी के बाद 1950 में इसके पहले दो श्लोकों को भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित किया गया। इसी के चलते लोगों को केवल पहले दो छंद ही याद रहते हैं, लेकिन इस गीत में कुल छह छंद हैं, जिनमें देशभक्ति, मातृभूमि की महिमा और भारतीय संस्कृति का सुंदर वर्णन किया गया है। 

अब जब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे हर सरकारी कार्यक्रम और भाषण से पहले अनिवार्य कर दिया है, तो हर नागरिक के लिए यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि गीत के पूरे छंद क्या हैं और उनका महत्व क्या है। इस नई नीति से न केवल कार्यक्रमों में अनुशासन सुनिश्चित होगा, बल्कि देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलेगी। ऐसे में हर शख्स को अब इस गीत के पूरे छंदों से परिचित होना और उन्हें सही उच्चारण के साथ याद रखना जरूरी है। इसी के चलते यहां वंदे मातरम् की फुल लिरिक्स दी जा रही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
ये है पूरी लिरिक्स.... 

वन्दे मातरम्। 
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, 
शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥'

'शुभ्रज्योत्स्ना पुलकित यामिनीम्, 
फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, 
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम्, सुखदाम् वरदाम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥

'कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, 
कोटि-कोटि भुजोधृत खरकरवाले, 
के बोले मां तु्मि अबले, बहुबलधारिणी नमामि तारिणीम्,
रिपुदलवारिणी मातरम्। वन्दे मातरम्॥' 

'तुमि विद्या तुमि धर्म, 
तुमि हदि तुमि मर्म, त्वमहि प्राणः शरीर, 
बाहुते तुमि मां शक्ति, हृदये तुमि मां भक्ति, 
तोमारै प्रतिमा गढि मन्दिरे-मन्दिरे। वन्दे मातरम्॥' 

'त्वमहि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी, कमला कमलदलविहारिणी, 
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्, नमामि कमलाम्, अमलाम् अतुलाम्, 
सुजलां सुफलां मातरम्। वन्दे मातरम्॥'

 'श्यामलाम् सरलाम् सुस्मिताम् भूमिताम्, धरनीम् भरनीम् मातरम्। वन्दे मातरम्॥'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें