Valmiki Jayanti 2022 Wishes: महाकाव्य रामायण युगों-युगों तक हिंदू धर्म के एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक ग्रंथ के तौर पर पढ़ा जाएगा। रामायण लिखने का श्रेय एक ऐसे ऋषि को जाता है, जो कभी डाकू हुआ करते थे। हालांकि बाद में नारद मुनि के साथ हुई मुलाकात के बाद उनका ह्रदय परिवर्तित हुआ और उन्होंने लूट पाट करना छोड़कर सत्कर्म का मार्ग अपनाया। हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, अपने पापों की क्षमा मांगने के लिए रत्नाकर ने ब्रह्मा जी का कठोर तप किया। तप में लीन रत्नाकर के शरीर पर दीमक की मोटी परत चढ़ गई। ब्रह्मा जी ने उनके तप से प्रसन्न होकर उन्हें वाल्मीकि नाम दिया। कहा जाता है कि जब प्रभु श्रीराम ने माता सीता को त्याग दिया था, तब वह ऋषि वाल्मीकि के आश्रम में रहने लगी थीं, जहां उन्होंने अपने दोनों पुत्र लव और कुश को जन्म दिया था। ऋषि वाल्मीकि ने ही महाकाव्य रामायण लिखी। ऋषि वाल्मीकि का जन्म आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को हुआ था। इस साल 9 अक्टूबर 2022 को वाल्मीकि जयंती मनाई जा रही है। एक संत, एक गुरु और एक कविकार के तौर पर वाल्मीकि जयंती के मौके पर इन प्रेरणादायक शुभकामना संदेशों को भेजकर प्रियजनों को बधाई दें।