स्वामी विवेकानंद रोचक बातें
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विवेकानंद ने गोरक्षक से पूछे कई मुश्किल सवाल
एक बार स्वामी विवेकानंद और गोरक्षक के बीत संवाद हुआ। गोरक्षक ने साधु-संयासी जैसे कपड़े पहने थे। गोरक्षक ने स्वामी विवेकानंद जी से मुलाकात की तो, उन्होंने आने का उद्देश्य पूछा। गौ प्रचारक ने कहा कि हम देश की गौ माताओं को कसाइयों के हाथों से बचाते हैं। स्थान-स्थान पर गोशालाएं स्थापित करके बीमार, कमजोर और कसाइयों से मोल ली हुई गौ माताओं को पालते हैं। इस पर विवेकानंद जी ने पूछा कि आपकी सभा की आमदनी का जरिया क्या है? प्रचारक ने कहा- आप जैसे महापुरुषों की कृपा से जो मिलता है, उससे सभा चलती है।
विवेकानंद ने मध्य भारत में पड़े अकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 9 लाख लोग भूखे हैं, उनके लिए कोई सहायता का काम करते हैं तो गौरक्षक ने सिर्फ गौ माताओं की रक्षा की बात करते हुए साफ इनकार कर दिया। फिर गौरक्षक ने कहा कि ये उन लोगों के कर्मों का फल है। पाप के कारण अकाल पड़ा।
विवेकानंद ने गौ प्रचारक के इस तर्क पर जवाब दिया कि इंसान के पाप के कारण अकाल पड़ा तो गायों के कर्मों के कारण वह कसाई के पास नहीं पहुंच सकती। उन्होंने आगे कहा कि 'जो सभा-समिति इंसानों से सहानुभूति नहीं रखती, भाइयों को भूखा मरते देख एक मुट्ठी अनाज तक नहीं दे सकती, लेकिन पशु-पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर अन्न वितरण करती है, उस सभा-समिति के साथ मैं जरा भी सहानुभूति नही रखता हूं।'