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हिमाचल गए और चंबा नहीं देखा तो फिर क्या देखा?

Sat, 28 Nov 2020 07:45 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पहाड़ी प्रदेश में घूमें चंबा - फोटो : Facebook

हिमाचल प्रदेश में चंबा पर्यटन का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। वैसे तो इस पहाड़ी प्रदेश में कई जगहें घूमने लायक है लेकिन चंबा की अपनी अलग खासियत है। यहां का दिल चुराने वाले मौसम आपको तरोताजा कर देगा। अनेक संस्कृतियों और सभ्यताओं वाले देश भारत में रहकर भी अगर आप हिमाचल प्रदेश की इस खास जगह घूमने नहीं गए तो आप सफल घुमक्कड़ी नहीं कहलाएंगे। आइए हम बताते हैं आपको इस हिमालयी प्रदेश के चंबा की खूबियों और मनमोहक जगहों के विषय में, जो कि सिर्फ उत्तर भारत के इस प्रदेश में है। 

 

 

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राजकुमारी चंपावती के नाम पर पड़ा है चंबा का नाम - फोटो : Social media

चंबा की कहानी-
कहा जाता है कि चंबा शहर का नाम वहां की राजकुमारी चंपावती के नाम पर पड़ा। राजकुमारी चंपावती हर दिन शिक्षा के लिए एक साधु के पास जाती थी। इससे राजा को शक हो गया और वो एक दिन राजकुमारी के पीछे-पीछे आश्रम पहुंच गया। वहां उसे कोई नहीं मिला, लेकिन उसे शक करने की सजा मिली और उससे उसकी बेटी छीन ली गई। आसमान में आकाशवाणी हुई कि प्रायश्चित करने के लिए राजा को यहां मंदिर बनवाना होगा। राजा ने चौगान मैदान के पास एक सुंदर मंदिर बनवाया। चंपावती मंदिर को लोग चमेसनी देवी के नाम से पुकारते हैं।

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चंबा का दिल है चौगान - फोटो : सोशल मीडिया

चौगान
चंपावती मंदिर के सामने एक विशाल मैदान है, जिसे चौगान कहते हैं। एक तरह से चौगान चंबा शहर का दिल है। किसी समय चौगान का यह मैदान बहुत बड़ा था लेकिन बाद में इसे पांच हिस्सों में बांट दिया गया। मुख्य मैदान के अलावा अब यहां चार छोटे-छोटे मैदान हैं। चौगान मैदान में ही हर साल जुलाई में चंबा का मशहूर पिंजर मेला लगता है। चंबा के आसपास कुल 75 प्राचीन मंदिर हैं। इन मंदिरों में प्रमुख लक्ष्मीनारायण मंदिर, हरिराय मंदिर, चामुंडा मंदिर हैं।

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शहर की पुरानी तस्वीरे हैं चंबा में मौजूद - फोटो : सोशल मीडिया

भूरी सिंह संग्रहालय 
किसी भी शहर के इतिहास को जानने के लिए यहां के संग्रहालय को जरूर देखना चाहिए। बेशक चंबा का भूरी सिंह संग्रहालय छोटा है, पर इसका प्रबंधन बेजोड़ है। इस संग्रहालय के प्रथम तल पर मिनिएचर पेंटिंग की सुंदर गैलरी है। इसमें गुलेर शैली की बनी पेंटिंग लगाई गई हैं। यहां चंबा शहर की पुरानी ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें भी देखी जा सकती हैं। 

 

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खूबसूरत कालाटॉप वन्य अभ्यारण्य - फोटो : Facebook

कालाटाॅप वन्य अभ्यारण्य
डलहौजी और खजियार के रास्ते में एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है ये वन्यजीव अभ्यारण्य। इसके चारों तरफ पहाड़, शांत और वातावरण है। हरियाली के बीच स्थित कालाटाॅप सेंचुरी बेहद खूबसूरत है। ये कुछ इस तरह से बना हुआ है कि आप ट्रेकिंग करते-करते इसे पूरा घूम सकते हैं। यहां आप स्वदेशी पक्षियों की प्रजातियों जैसे तीतर, यूरेशियन और ग्रे-हेडेड कैनरी को देख सकते हैं। चलते-चलते जब थक जाओ तो पास में बह रही रावी नदी के ठंडे पानी में पैर डालते ही सारी थकान छूमंतर हो जाती है।

 

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महिलाओं के लिए मिलती हैं खूबसूरत जूतियां - फोटो : इंस्टाग्राम

 शॉपिंग
हिमाचल में कुल्लू का शाॅल तो मशहूर है ही पर चंबा के शाॅल भी कुल्लू के शाॅल की तरह ही सुंदर होते हैं। चंबा शहर में घूमते हुए आप चंबा की बनी हुई खूबसूरत जूतियां खरीद सकते हैं। ये जूतियां महिलाओं के लिए खास तौर पर बनाई जाती हैं। चंबा शहर के मुख्य बाजार में दुकानों में खरीदारी करते समय थोड़ा बहुत मोल-भाव किया जा सकता है।

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पठानकोट है नजदीकी एयरपोर्ट - फोटो : Pixabay

ऐसे पहुंचें 
चंबा से सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पठानकोट है, जो चंबा से 120 कि.मी. दूर है। वहां से आप बस या टैक्सी से चंबा पहुंच सकते हैं। पठानकोट रेलवे स्टेशन पहुंचकर  भी वहां से आगे की यात्रा बस और कैब से कर सकते हैं। 

 

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