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यहां पूर्णिमा की रात चांद जैसी चमकती है धरती, भारत के इस गांव को देख आइए करीब से

Tue, 27 Aug 2019 11:05 AM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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अगर आप घूमने के शौकीन है और बर्फ और पहाड़ हमेशा ही आपको आकर्षित करते हैं तो ये जगह जरूर ही आपके लिए बनी है। बर्फ से ढके पहाड़ और साफ नीला पानी जिसमें चांद की आकृति बिल्कुल साफ नजर आती है। इस जगह को चांद की धरती भी कहा जाता है। तो अगर आपको किसी ऐसी ही अनोखी जगह की तलाश है जहां चारों तरफ शांति और पहाड़ हो तो एक बार इस जगह की सैर करने जरूर जाएं। तो आइए जाने हम कौन सी खूबसूरत और अद्भुत जगह की बात कर रहे हैं।

 
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- फोटो : pixa
लामायुरु गांव 
चांद की धरती कहा जाना वाला यह गांव लेह से 127 किमी दूर बसा है। इस गांव में पहुंचने पर आपको एहसास होगा कि यहां दूर-दूर तक वीरानी जमीन, बर्फ से ढके पहाड़ और नदियां और कुछ लामा बस यहीं हैं। समुद्र से 3510 मीटर ऊंचे और माइनस 40 डिग्री तापमान होने के बावजूद भी यहां घूमने का सपना हर सैलानी का होता है।

 
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- फोटो : pixa
चांद की धरती में बनी है मोनेस्ट्री
दरअसल पूर्णिमा की रात को यहां की जमीन चांद की तरह चमकने लगती है इसलिए यह जगह मूनस्केप कही जाती है। यहां पर लामायुरु मोनेस्ट्री है जिसे देखने के लिए दुनिया भर से सैलानी आते हैं। इस मोनेस्ट्री को ग्यारहवीं शताब्दी में महासिद्धाचार्य नारोपा ने खोजा था। ये मोनेस्ट्री पांच इमारतों में पहाड़ों पर बनी है। जिसे देखना अद्भुत अनुभव होता है।

 
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- फोटो : pixa
कैसे पहुंचे लामायुरु गांव
इस छोटे से गांव तक पहुंचने के लिए लेह से आसानी से बस मिल जाएगी। ये बस रोज सुबह दस बजे और दोपहर में 12 बजे लामायुरु गांव के लिए निकलती है।
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