फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Trip and accomodation: समझिये अंतर होटल, मोटल और लॉज में

Sat, 07 Jan 2023 12:18 AM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
सफर के लिहाज से ढूंढें ठिकाना - फोटो : istock
यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है वह जगह जहाँ आप रुकते हैं, ठहरते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि आपको प्लानिंग के बिना बीच रास्ते में रुकने की जगह चाहिए होती है। इसलिए आजकल लगभग हर शहर, कस्बे और यहाँ तक कि गाँवों के बाहर या आस पास तक यात्रियों के रुकने के ठिकाने होते हैं। यहाँ आपको केवल रुकने की सुविधा भी मिल सकती है और कई बार रुकने के साथ ही ढेर सारी अन्य सुविधाएँ भी। ये ठिकाने कई प्रकार के हो सकते हैं,जैसे लॉज, होटल या फिर मोटल,आदि । हालाँकि मोटल हमारे देश में इतना प्रचलित नहीं रहा जितना विदेशों में लेकिन पर्यटन के बदलते ट्रेंड के साथ अब यह भी एक आम साधन होता जा रहा है। भारत में आपको ढाबों जैसी जगहों पर या कुछ जगह पेट्रोल पंप के आस पास मोटल जैसे ठिकाने मिल सकते हैं। आइये जानें क्या हैं फर्क इन तीनों में और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान। 
विज्ञापन

2 of 6
कम समय के लिए छोटा ठिकाना: सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
मोटल

ज्यादातर हाइवे यानी सफर के रास्तों पर स्थित होता है यह ठिकाना। यूं भारत में भी आपको कुछ ढाबों पर मोटल के रूप में रुकने का ठिकाना मिल सकता है लेकिन यह सबके लिए कितना सुरक्षित होगा इसकी ग्यारंटी नहीं दी जा सकती। हां आजकल कुछ जगह बकायदा मोटल भी दिखाई देने लगे हैं। बहरहाल, मोटल को आप होटल का छोटा भाई या बहन भी कह सकते हैं। इसमें सुविधाएँ लगभग होटल जैसी ही होंगी लेकिन यह आकार में छोटी होंगी, इनमें भोजन की सुविधा होटल जितनी अच्छी नहीं होगी और सबसे ख़ास बात, यह आपको एक या दो दिन का अकोमोडेशन ही उपलब्ध करवा पाएंगी। बजट के मामले में यह होटल से कहीं कम होंगी और आपको अपनी गाड़ी के लिए यहाँ पार्किंग की बहुत जगह मिलेगी। 
विज्ञापन

3 of 6
अधिक सुविधाओं से युक्त होटल - फोटो : सोशल मीडिया
होटल

1 स्टार से लेकर कई स्टार सुविधाएँ प्रदान करने वाला स्थान और अमूमन यह आपको शहर के आस पास या शहर में ही मिलेगा। इसमें लॉजिंग से लेकर रेस्त्रां, स्वीमिंग पूल, जिम जैसी कई सुविधाएँ मिल सकती हैं। सबसे ख़ास बात यह कि इनके लिए आप प्री बुकिंग का ऑप्शन आसानी से अपना सकते हैं। यानी आप अपनी ट्रेवल प्लानिंग में इसको शामिल करके कई तरह की छूट का फायदा भी ले सकते हैं। इसमें आपके बजट और सुविधा के हिसाब से कई विकल्प मिल सकते हैं। साथ ही यहाँ आप शादी-सगाई से लेकर कॉन्फ्रेंस और मीटिंग जैसे आयोजन भी आसानी से कर सकते हैं। 

4 of 6
जगह और सुविधाएँ दोनों हो सकती हैं कम लॉज में - फोटो : Pexels.com
लॉज 

आकार और सुविधाओं दोनों ही मामलों में होटल से कमतर और कुछ मामलों में मोटल से भी क्योंकि लॉज में कुछ भी खाने की व्यवस्था मिले यह मुश्किल है। इसका इस्तेमाल ज्यादातर यात्रियों द्वारा रात सोने या कुछ समय ठहरने अथवा केवल सामान को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए आपको किसी जगह पर दिनभर घूमना है लेकिन आप होटल पर ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते तो लॉज में सामान रखकर और नहा-धोकर आप दिनभर घूम सकते हैं और सामान लेकर वापस रवाना हो सकते हैं। तीर्थस्थानों पर बड़ी संख्या में लॉज की सुविधा मिल सकती है और आजकल लॉज वालों ने कुछ जगहों पर भोजन की सुविधा भी उपलब्ध करवाना शुरू की है लेकिन हमेशा इसकी ग्यारंटी नहीं होती। 
विज्ञापन

5 of 6
लक्ज़री ठिकाने यानी रिसॉर्ट - फोटो : Facebook
ये भी हैं ठिकाने 

लॉज, होटल और मोटल के अलावा और भी ऐसे ठिकाने होते हैं जहाँ यात्रियों, पर्यटकों के रुकने, खाने आदि की व्यवस्था हो सकती है। इसमें भी आपके बजट के हिसाब से विकल्प मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए हॉस्टल्स। आपको भारत में कई ऐसे पर्यटन स्थलों पर भी हॉस्टल मिल सकते हैं जहाँ आमतौर पर होटल या अन्य सुविधाएँ मिलना मुश्किल होती हैं। हॉस्टल की सुविधा अधिकांशतः अकेले या दोस्तों के साथ सफर कर रहे लोगों के लिए होती है क्योंकि यहाँ परिवार के लिहाज से सभी सुविधाएँ मिलने में मुश्किल आती है। बजट के मामले में यह बहुत सस्ता और अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं अगर आप लक्ज़री के साथ, बिना बजट की परवाह किये कोई ठिकाना चाहते हैं तो आपके लिए रिसॉर्ट्स का विकल्प शानदार होगा। इनके अतिरिक्त कई क्लब और संस्थान अपने प्राइवेट होस्टल्स और रिसॉर्ट्स या गेस्ट हॉउस भी संचालित करते हैं जहाँ आपको सभी सुविधाएँ मिलती हैं। लेकिन इसके लिए आपका उनका सदस्य होना आवश्यक है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सुरक्षा को लेकर रहें सतर्क - फोटो : amarujala
इन बातों का रखें ख्याल 

* लोकेशन और सुविधाओं के लिहाज से किसी भी जगह के टैरिफ में अंतर हो सकता है। इसलिए पहले से अपने बजट में इसकी गुंजाइश रखें।  
* ऑनलाइन किसी भी जगह बुकिंग करने से पहले उस जगह के बारे में अच्छे से पता करें। कोशिश करें कि आप शहर के बीच किसी व्यस्त और अच्छी होटल में रुकें। यहाँ आपको सुविधाएँ भी पर्याप्त मिलेंगी और सुरक्षा भी अधिक मिल सकेंगी। 
* होटल में रूम और उसके साथ मिलने वाली सुविधाओं में परिवर्तन भी हो सकता है, इसको पहले ही क्लियर कर लें।  
* ऑनलाइन ट्रांजिक्शन्स और होटल द्वारा दी जा रही सुविधाओं का स्क्रीन शॉट हमेशा साथ रखें, यदि कोई सुविधा होटल ने अपनी वेबसाइट पर लिखी है लेकिन देने से मना कर रहे हैं तो आप कंसेशन ले सकते हैं या उसके एवज में कोई और सुविधा ले सकते हैं। 
* सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहें। खासकर मोटल और लॉज में। दरवाजों, रूम और बाथरूम को अच्छे से चैक करें।  
* प्राइवेसी के हिसाब से मोटल या लॉज हमेशा कमतर रहेंगे, इस बात को ध्यान में रखें। 
* होटल और रिसॉर्ट्स में कमरे के पानी और अन्य सामान्य या लॉन्ड्री जैसी चीजों के लिए भी अधिक दाम चुकाने पड़ते हैं, इसलिए किसी भी चीज का उपयोग करने  इंस्ट्रक्शंस को ध्यान से पढ़ें या रिसेप्शन पर ही पूछ लें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें