यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होती है वह जगह जहाँ आप रुकते हैं, ठहरते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि आपको प्लानिंग के बिना बीच रास्ते में रुकने की जगह चाहिए होती है। इसलिए आजकल लगभग हर शहर, कस्बे और यहाँ तक कि गाँवों के बाहर या आस पास तक यात्रियों के रुकने के ठिकाने होते हैं। यहाँ आपको केवल रुकने की सुविधा भी मिल सकती है और कई बार रुकने के साथ ही ढेर सारी अन्य सुविधाएँ भी। ये ठिकाने कई प्रकार के हो सकते हैं,जैसे लॉज, होटल या फिर मोटल,आदि । हालाँकि मोटल हमारे देश में इतना प्रचलित नहीं रहा जितना विदेशों में लेकिन पर्यटन के बदलते ट्रेंड के साथ अब यह भी एक आम साधन होता जा रहा है। भारत में आपको ढाबों जैसी जगहों पर या कुछ जगह पेट्रोल पंप के आस पास मोटल जैसे ठिकाने मिल सकते हैं। आइये जानें क्या हैं फर्क इन तीनों में और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान।