मर्फी कहते हैं, "हवाई जहाज की सीटें जितनी भरी होंगी प्रति यात्री उत्सर्जन उतना ही कम होगा." यूसी डेविस के नीति संस्थान के कार्यकारी निदेशक ऑस्टिन ब्राउन कहते हैं, "हमारी पसंद का पर्यावरण पर प्रभाव कितना है, इसमें पारदर्शिता होनी चाहिए और उन प्रभावों के मुताबिक ही कीमतें तय होनी चाहिए। मिसाल के लिए, फर्स्ट क्लास की टिकटों को महंगा करना।"
फर्स्ट क्लास टिकटों के दाम से इकॉनमी क्लास की टिकटों पर सब्सिडी देकर सस्ता किया जाता है। इससे सफर की कुल लागत घटती है और ज्यादा लोग उडान भरते हैं। घूमने के लिए आप जहां गए हों वहां की संस्कृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान रखकर अपने कार्बन फुटप्रिंट को घटा सकते हैं।
स्टोवेल कहते हैं, "जब आप किसी नई जगह जाते हैं तो आप उनके घर में मेहमान होते हैं।" सम्मान जताने के लिए आप पर्यावरण के अनुकूल आवास, गतिविधियां और परिवहन के साधन चुन सकते हैं।
आसपास की खूबसूरत जगहों को देखने के लिए स्थानीय टूर ऑपरेटर का सहयोग लें, इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को आप कुछ देते भी हैं। सैलानियों को ऐसे टूर ऑपरेटर चुनने चाहिए जिसके पास पर्यावरण को लेकर पारदर्शी टिकाऊ योजना हो।
टिकाऊ पर्यटन एनजीओ ट्रीडराइट की शैनॉन गुइहान कहती हैं, "यदि आप कंपनी वेबसाइट पर जाते हैं, वहां टिकाऊ पर्यटन योजना पाते हैं और फिर 12 से 48 महीने बाद इसके असर की रिपोर्ट देखते हैं तो समझिए आपका पैसा सही जगह जा रहा है।"
ट्रीडराइट ने मुसाफिरों पर्यावरण के अनुकूल आदतें बनाने और जागरुक विकल्प चुनने में मदद के लिए एक चेकलिस्ट तैयार किया है।