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अमेरिका के इस गांव में क्यों बहता है फिरोजी रंग का पानी, साइंटिस्ट भी आज तक नहीं लगा पाए पता

Sun, 23 Dec 2018 11:05 AM IST
कशिश मिश्रा लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
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अमेरिका का यह गांव जमीन से करीब 3 हजार फुट नीचे खाई में बसा है।  - फोटो : social media
हर जगह की अपनी अलग-अलग खासियत होती है। कुछ जगह ऊंचाई पर होता है इसलिए फेमस होता है तो वहीं कुछ जगह नीचे होने के लिए फेमस होता है लेकिन इन सबसे हटकर भी कुछ जगहें ऐसी हैं जो अपने अजूबे कारनामों के लिए फेमस है। इन्हीं में से एक है सुपाई गांव, अमेरिका का यह गांव जमीन से करीब 3 हजार फुट नीचे खाई में बसा है। 
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अमेरिका के इस गांव में करीब 208 लोग रहते है - फोटो : social media
अमेरिका के इस गांव में करीब 208 लोग रहते हैं। अमेरिका में रहने की वजह से इन्हें अमेरिकन कहां जाता है लेकिन असल में ये लोग रेड इंडियंस हैं। गांव की प्राकृतिक खूबसूरत को देखने के लिए शहरी लोग आते हैं। फोटोग्राफी के लिए भी लोग यहां आते हैं। 

 
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इस गांव में हर साल करीब 55  लाख टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं - फोटो : social media
इस गांव में हर साल करीब 55 लाख टूरिस्ट घूमने के लिए आते हैं। यह गांव अमेरिका से सटे गांव एरिजोना में ग्रैंड कैनियन के पास बसा हुआ है। पहाड़ों की खाई में बसा यह गांव चारों तरफ से पहाड़ों की चोटियों से घिरा हुआ है। इस गांव का नाम मेरिका के सबसे खूबसूरत गांव में आता है। 

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इस गांव की खास बात है कई हजार वर्षो से इस गांव का पानी नीला आता हैblue water lake - फोटो : social media
इस गांव की खास बात है कई हजार वर्षो से इस गांव का पानी नीला आता है। वैज्ञानिक कई साल से इसका पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर इस नीले पानी का क्या राज है। झरने से क्यों नीला पानी ही बह रहा है। खैर अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। 
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गांव में पहुंचने का रास्ता बहुत मुश्किल है - फोटो : social media
वहां के स्थानीय लोगों को हवाई सुपाई कहा जाता है। जिसका मतलब है नीले और हरे पानी में रहने वाले लोग। फिरोजी रंग का निर्माण भी इन दो रंगों को मिलाकर बना है। मान्यता है गांव में रहने वाली जनजाति की उत्पत्ति नीले पानी से हुआ है। दरअसल गांव में पहुंचने का रास्ता बहुत मुश्किल है। जिस वजह से लोग गांव के अंदर खच्चर या फिर हेलीकॉप्टर पर बैठकर पहुंचते हैं। 
 
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रोजगार के लिए कुछ लोग टोकरियां बनाते है तो वहीं कुछ खच्चर पर बैठाकर टूरिस्ट से  पैसा कमाते है।  - फोटो : social media
गांव के अंदर सड़कें नहीं हैं जिससे लोगों को गांव के अंदर ज्यादा पैदल चलना पड़ता है। यहां रहने वाले लोग आज भी हजारों साल पुरानी बोली हवासुपाई बोलते हैं। खेत में मकई और फलियां लगाते है इससे इनका गुजारा होता है। रोजगार के लिए कुछ लोग टोकरियां बनाते हैं तो वहीं कुछ खच्चर पर बिठाकर टूरिस्ट से पैसा कमाते हैं। 
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