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Sawan 2025: सावन में उत्तर प्रदेश के इन प्रसिद्ध शिव मंदिरों में जरूर करें दर्शन

Thu, 10 Jul 2025 04:42 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

UP famous Shiva temples  सावन का समय केवल व्रत और उपवास का नहीं, बल्कि अंतरात्मा से शिव की भक्ति करने का समय है। ऐसे में उपरोक्त मंदिरों में जाकर ना सिर्फ पुण्य प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि आत्मिक शांति भी पा सकते हैं।
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शिव मंदिर - फोटो : amar ujala
UP famous Shiva temples: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष महत्व है क्योंकि माना जाता है कि सावन में भोलेनाथ थोड़े से भक्ति भाव से भी प्रसन्न हो जाते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, जो अपने धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है, में कई ऐसे शिव मंदिर हैं जहां सावन के महीने में दर्शन करना अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है। अगर आप Sawan 2025 में किसी धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के ये 5 प्रमुख शिव मंदिर आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकते हैं। सावन का समय केवल व्रत और उपवास का नहीं, बल्कि अंतरात्मा से शिव की भक्ति करने का समय है। ऐसे में उपरोक्त मंदिरों में जाकर ना सिर्फ पुण्य प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि आत्मिक शांति भी पा सकते हैं।
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काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी - फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर है, जो कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित है। कीशी को भगवान शिव की सबसे प्रिय नगरी मानी जाती है, जिसे उन्होंने माता गौरी के साथ धरती पर रहने के लिए बसाया था। वैसे तो  काशी विश्वनाथ धाम में हमेशा ही भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन सावन में वाराणसी का नजारा कुछ ज्यादा ही व्यस्त नजर आता है। मंदिर में सावन के मौके पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा आ जाता है। सोमवार को कावंड़ियों की भारी भीड़ और भव्य झांकी देखने को मिलती हैं जो यहां भोले नाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। 
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लोधेश्वर महादेव - फोटो : Instagram
लोधेश्वर महादेव मंदिर, बाराबंकी

उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के पड़ोसी जिले बाराबंकी में प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जिसका नाम लोधेश्वर महादेव मंदिर है। यह मंदिर रामनगर तहसील के महादेवा गांव में स्थित है। 52 दुर्लभ शिवलिंगों में से एक मानी जाती है जिसका इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। सरयु किनारे स्थित इस मंदिर में श्रद्धालु कावंड़ लेकर आते हैं और शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं।

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गोला गोकर्णनाथ, लखीमपुर - फोटो : instagram
गोला गोकर्णनाथ मंदिर, लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी जिलेमें गोला गोकर्णनाथ का पौराणिक शिव मंदिर है। इस अद्भुत शिवलिंग की स्थापना रामायण काल में हुई थी। गोला गोकर्णनाथ को छोटा काशी भी कहा जाता है। गोला गोकर्णनाथ शिवलिंग का आकार गाय के कान की तरह होने के कारण शिवलिंग का नाम गोकर्णनाथ पड़ा।
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गढ़ मुक्तेश्वर - फोटो : instagram
गढ़ मुक्तेश्वर धाम, हापुड़

गंगा नदी के किनारे बसे इस शहर में गढ़ मुक्तेश्वर महादेव मंदिर है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, परशुराम ने यहां भगवान शिव का मंदिर बनवाया था। मंदिर में शिवलिंग  के साथ माता गंगा और ब्रह्मा जी की सफेद प्रतिमा भी है।
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भगवान शिव का रुद्राभिषेक - फोटो : amar ujala
महाकालेश्वर मंदिर, बदायूं
 
उज्जैन के अलावा, उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में भी महाकाल का मंदिर स्थित है। यहां स्थापित शिवलिंग को महाकालेश्वर शिवलिंग कहा जाता है, जो चमत्कारी माना जाता है। इस मंदिर में महाशिवरात्रि पर विशेष आरती और भस्म आरती का आयोजन किया जाता है।  
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