माता सीता की जन्मस्थली
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मंदिर से जुड़ी मान्यता
कहा जाता है कि जो भी पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए आता है, उसे किसी भी जन्म में पशु की योनि नहीं मिलती है। दर्शन के लिए आए तो ध्यान में रखें कि शिवलिंग से पहले नंदी जी के दर्शन न करें। मंदिर परिसर में बासुकीनाथ मंदिर, उन्मत्त भैरव मंदिर, सूर्य नारायण मंदिर , कीर्ति मुख भैरव मंदिर, 184 शिवलिंग मूर्तियां और बूंदा नीलकंठ मंदिर आदि मौजूद हैं।