Gaya Pind Daan Travel: पितृपक्ष 26 सितंबर 2026 से आरंभ हो रहे हैं। पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष में पिंडदान और तर्पण के लिए गया जी जाना चाहते हैं तो यात्रा की तैयारी पहले से करना आपके लिए सुविधाजनक रहेगा। बिहार का गया हिंदू धर्म में पितृ कर्म और पिंडदान के प्रमुख तीर्थस्थलों में माना जाता है। बिहार पर्यटन के मुताबिक गया में पिंडदान के लिए 48 प्रमुख वेदियां हैं, जिनमें फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर, पंचतीर्थ, सीता कुंड और गया शिरोमणि मंदिर प्रमुख हैं।
पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। यहां फल्गु नदी के तट पर तर्पण और पिंडदान के साथ विष्णुपद मंदिर में पूजा की परंपरा है। अगर आप 2026 में गया पिंडदान के लिए जा रहे हैं, तो बिहार पर्यटन की मौजूदा जानकारी के अनुसार पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी है। पर्यटन विभाग ने अलग-अलग यात्रा और पिंडदान पैकेज की दरें भी जारी की हैं।
गया पहुंचने के लिए ट्रेन एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। पटना से गया जी तक ट्रेन से लगभग 2 घंटे लगते हैं। गया पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य स्थानीय परिवहन से प्रमुख स्थानों तक पहुंचा जा सकता है।