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अलग संस्कृति और त्योहारों के बीच मनानी हैं खुशियों भरी छुट्टियां तो, रुख करें इन जगहों की ओर

Wed, 11 Sep 2019 04:57 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क
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ओणम का पर्व केरल में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह केरल का एक प्रमुख त्योहार है। केरलवासी इस दिन अपने परंपरागत लिबास में होकर देवता को पकवान प्रस्तुत करते हैं। भारत को सदियों से त्योहारों का देश कहा जाता है क्योंकि सदियों पहले से ही यहां त्योहारों को मनाने का रिवाज रहा है। इन्ही त्योहारों में से एक त्योहार ओणम है।अगर आप अपनी छुट्टियों को इस बार अलग तरह से बिताना चाहते हैं तो सितंबर में केरल की इन चार जगहों पर जरूर जाना चाहिए। जहां एक अलग संस्कृति, खान-पान और कला को देखने और समझने का मौका मिलेगा। 
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कन्नूर
थेय्यम केरल के उत्तरी मालाबार इलाके का एक प्रमुख पूजा अनुष्ठान है, जिसका ओणम के दौरान एक विशेष महत्व होता है। यह केरल की महान कहानियों को जीवंत करता है। कन्नूर में यह आसानी से आपको दिख जाएगा।
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त्रिवेंद्रम 
ओणम के दौरान पूरा त्रिवेंद्रम शहर खूबसूरती से सजा रहता है। शाम को शहर का नजरा काफी मनमोहक लगता है। रोशनी से सजी इमारतों, पेड़ों और सड़कों को देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।

 

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पलक्कड़  
पलक्कड़ में आप ‘ओनाथल्लू’ का मजा ले सकते हैं, जो ओणम के दौरान मध्य और उत्तरी केरल में आयोजित होने वाला एक विशेष खेल है। इसमें दो प्रतियोगी आपस में टकराते हैं और एक-दूसरे को पटकनी देने की कोशिश करते हैं। ओनाथल्लू का आयोजन दोपहर में होता है, जब सभी भोजन कर चुके होते हैं।
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त्रिशूर
त्रिशूर में 'वडक्कुमनाथन' नाम का भगवान शिव का अद्भुत और अलौकिक मंदिर है। ऊंचे पहाड़ी इलाके पर बसे इस मंदिर में शिव के दर्शनों के लिए श्रद्धालु दूर-दूर आते हैं। लेकिन एक खास समय पर यहां लोगो का तांता लगा रहता है। ओणम के दौरान सैकड़ों पुरुष बाघ का रूप धारण कर पारंपरिक नृत्य करते हैं।
 
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