माघ मेला में संगम स्नान करते श्रद्धालु
- फोटो : शिव त्रिपाठी
प्रयागराज (त्रिवेणी संगम), उत्तर प्रदेश
गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम प्रयागराज में है, इसी कारण इसे तीर्थराज कहा जाता है। यहां 3 जनवरी पौष पुर्णिमा से माघ मेला लग गया है, जिसे मिनी कुंभ कह सकते हैं। मकर संक्रांति पर यहां का स्नान पापों के क्षय और मोक्ष प्राप्ति का द्वार माना जाता है। 2026 में भी संगम तट पर साधु-संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं की विराट उपस्थिति रहेगी।