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Mahashivratri 2019: जानिए आखिर क्यों कैलाश पर्वत पर नहीं कर सका कोई चढ़ाई

Mon, 04 Mar 2019 12:50 PM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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kailash mountain
भगवान शिव दुनिया के सभी धर्मों का मूल है और हिंदू धर्म में भगवान शिव को मृत्युलोक का देवता माना गया है। भगवान शिव अजन्मे माने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि उनका न तो कोई आरंभ हुआ है और न ही अंत होगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार कैलाश पर्वत को भगवान शंकर का निवास स्थान माना जाता है। यह मान्यता है कि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते हैं। इसके अलावा कैलाश पर्वत की चोटियों के बीच स्थित झील को मानसरोवर झील के नाम से जाना जाता है। कैलाश पर्वत को दुनिया के सबसे रहस्मयी पर्वतों में से एक माना जाता है। क्या आपको कैलाश पर्वत से जुड़े रोचक तथ्य के बारे में पता है। आइए जानते हैं आखिर कोई क्यों नहीं कर पाता है कैलाश पर्वत की चढ़ाई। 
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कैलाश पर्वत की ऊंचाई 6600 मीटर से अधिक है। जो दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत माउंट एवरेस्ट से लगभग 2200 मीटर कम है। बावजूद इसके माउंट एवरेस्ट हजारों लोग चढ़ चुके हैं लेकिन कैलाश पर्वत पर अभी तक कोई चढ़ाई नहीं कर पाया है। 
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कैलाश पर्वत और कैलाश क्षेत्र पर दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है। इस पर रिसर्च करने वाले ह्यूरतलीज ने कैलाश पर्वत पर चढ़ने को असंभव बताया है। कई पर्वतारोहियों का दावा है कि कैलाश पर्वत पर चढ़ना असंभव है। 

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रूस के एक पर्वतारोही सरगे सिस्टियाकोव ने बताया कि जब वह पर्वत के बिल्कुल पास पहुंच गए तो उनका दिल जोर से धड़कने लगा। वो पर्वत के बिल्कुल सामने थे। जिस पर आज तक कोई नहीं चढ़ सका। उचानक उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी और उनके मन में ख्याल आया कि उन्हें अब और नहीं रुकना चाहिए। और वो जैसे-जैसे नीचे आते गए उनका मन हल्का होता गया। 
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बता दें कैलाश पर्वत पर चढ़ने की आखिरी कोशिश साल 2001 में की गई थी। जब चीन ने स्पेन की एक टीम को कैलाश पर्वत पर चढ़ने की अनुमति दी थी। लेकिन दुनियाभर के लोगों का मानना है कि कैलाश पर्वत एक पवित्र स्थान है इसपर किसी को भी चढ़ाई नहीं करने देना चाहिए। जिसके बाद कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करने पर रोक लगा दी गई। 
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