बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
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बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग, जिसे वैद्यनाथ धाम या देवघर भी कहा जाता है, भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह झारखंड के देवघर जिले में स्थित है और इसे मोक्ष प्राप्ति का द्वार माना जाता है। इस मंदिर का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है और इसकी महिमा भक्तों के लिए अपार है।
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का महत्व
पौराणिक कथा के अनुसार, लंका के राजा रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की और अपना सिर अर्पित किया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें ज्योतिर्लिंग दिया और कहा कि इसे जहां रखेंगे, वहीं यह स्थापित हो जाएगा। रावण इसे लेकर लंका जा रहा था, लेकिन एक चाल के तहत इसे देवघर में रख दिया गया और यह यहीं स्थापित हो गया। मान्यता है कि बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन और जलाभिषेक करने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग कैसे जाएं?
रेल मार्ग (ट्रेन से यात्रा)
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन:
- बैद्यनाथधाम रेलवे स्टेशन (BDME) – 2 किमी दूर
- जसीडीह जंक्शन (JSME) – 8 किमी दूर (मुख्य रेलवे स्टेशन)
प्रमुख ट्रेनें:
- दिल्ली, कोलकाता, पटना, वाराणसी, रांची और हावड़ा से सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
- जसीडीह जंक्शन से देवघर के लिए ऑटो, टैक्सी और लोकल ट्रेन मिलती हैं।
हवाई मार्ग (फ्लाइट से यात्रा)
सबसे नजदीकी हवाई अड्डा:
- देवघर एयरपोर्ट (DGH) – 10 किमी दूर
- बोधगया एयरपोर्ट (GAY) – 220 किमी दूर
- पटना एयरपोर्ट (PAT) – 270 किमी दूर
- कोलकाता एयरपोर्ट (CCU) – 350 किमी दूर
सड़क मार्ग (बस / टैक्सी से यात्रा)
देवघर जाने के प्रमुख मार्ग:
- पटना से देवघर – 270 किमी (6-7 घंटे)
- रांची से देवघर – 250 किमी (5-6 घंटे)
- कोलकाता से देवघर – 350 किमी (7-8 घंटे)
- भागलपुर से देवघर – 130 किमी (3-4 घंटे)