शिवरात्रि 2022: नीलकंठ महादेव
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नीलकंठ महादेव
ऋषिकेश से 32 किलोमीटर दूर जंगल के पास नीलकंठ महादेव का मंदिर है। मान्यताओं के मुताबिक, हजारों साल पहले अमृत पाने के लिए देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया। हिंदु मान्यताओं के अनुसार, हजारों साल पहले अमृत पाने की लालसा लिए देवताओं और असुरों के बीच समुद्रमंथन हुआ था। इस मंथन में विष निकला, जिसे भगवान शिव ने पी लिया। इससे उनका गला नीला हो गया। जिस स्थान पर भोले बाबा ने विष पान किया था, वहां नीलकंथ महादेव का मंदिर स्ठापित हो गया।