ब्रह्मा मंदिर
पुराणों ने अनुसार एक बार भगवान ब्रह्मा को पुष्कर नदी के तट पर अपनी पत्नी मां सरस्वती के साथ यज्ञ करना था। लेकिन किसी कारणवश मां सरस्वती को पहुंचने में देर हो गई। इस कारण ब्रह्मा जी ने मां गायत्री के साथ शादी कर यज्ञ पूरा किया। इस बात से गुस्सा होकर मां सरस्वती ने भगवान ब्रह्मा को श्राप दे दिया की इस मंदिर में कोई भी शादीशुदा पुरुष को मंदिर के अंदर नहीं आ सकता। इस मंदिर का निर्माण 14वीं ईस्वी में बना था। यह मंदिर राजस्थान के पुष्कर में मौजूद है।