Krishna Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सिर्फ एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि श्रद्धा, उल्लास और आस्था से जुड़ा एक महान अवसर है। लेकिन जब यही पर्व भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका में मनाया जाए तो उसका रंग और भी अलौकिक हो जाता है। द्वारका को मोक्षपुरी भी कहा जाता है। इस स्थल को 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने बनाया था। कान्हा का जन्म भले ही मथुरा में हुआ हो और गोकुल-वृंदावन में बचपन बीता हो लेकिन वह राजा द्वारका के बने। गुजरात की द्वारका नगरी में जन्माष्टमी के दिन हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, भजन-कीर्तन गूंजते हैं और द्वारकाधीश मंदिर में रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का लाइव दर्शन होता है। अगर आप इस साल जन्माष्टमी 2025 को यादगार बनाना चाहते हैं तो एक बार द्वारका की यात्रा जरूर करें।