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Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पर करने हैं द्वारकाधीश के दर्शन? जानिए कैसे पहुंचें, कहां रुकें और क्या न भूलें

Tue, 12 Aug 2025 11:01 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Krishna Janmashtami 2025: गुजरात की द्वारका नगरी में जन्माष्टमी के दिन हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, भजन-कीर्तन गूंजते हैं और द्वारकाधीश मंदिर में रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का लाइव दर्शन होता है। अगर आप इस साल जन्माष्टमी 2025 को यादगार बनाना चाहते हैं तो एक बार द्वारका की यात्रा जरूर करें।
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द्वारकाधीश मंदिर - फोटो : Instagram
Krishna Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सिर्फ एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि श्रद्धा, उल्लास और आस्था से जुड़ा एक महान अवसर है। लेकिन जब यही पर्व भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका में मनाया जाए तो उसका रंग और भी अलौकिक हो जाता है। द्वारका को मोक्षपुरी भी कहा जाता है। इस स्थल को 5000 वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने बनाया था। कान्हा का जन्म भले ही मथुरा में हुआ हो और गोकुल-वृंदावन में बचपन बीता हो लेकिन वह राजा द्वारका के बने। गुजरात की द्वारका नगरी में जन्माष्टमी के दिन हजारों श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, भजन-कीर्तन गूंजते हैं और द्वारकाधीश मंदिर में रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का लाइव दर्शन होता है। अगर आप इस साल जन्माष्टमी 2025 को यादगार बनाना चाहते हैं तो एक बार द्वारका की यात्रा जरूर करें।
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द्वारकाधीश मंदिर - फोटो : Instagram
द्वारकाधीश मंदिर की रात्रि आरती और झूलन उत्सव

यहाँ जन्माष्टमी की रात 12 बजे श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती होती है। बाल गोपाल को झूले में बैठाकर झूलन उत्सव मनाया जाता है। पूरा मंदिर फूलों और लाइट्स से जगमगा उठता है। साथ ही गोमती नदी के किनारे स्थित घाट पर शाम की आरती और दीपदान का दृश्य मन मोह लेता है। रुक्मिणी देवी मंदिर की विशेष पूजा भी इस दिन भक्तों के बीच लोकप्रिय है। जन्माष्टमी उत्सव के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा कृष्ण की लीलाओं का मंचन, मटकी फोड़ प्रतियोगिता और गुजराती गरबा जनमानस को भक्ति के साथ-साथ रंगों से भी जोड़ता है।
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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात - फोटो : Instagram
द्वारका में पर्यटन स्थल

द्वारका नगरी जा रहे हैं तो यहां कई प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं। द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन के अलावा आप यहां बेट द्वारका की यात्रा के लिए जा सकते हैं। पास में ही 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है, जहां शिव की आराधना की जा सकती है। 

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ट्रेन - फोटो : instagram
कैसे पहुंचे द्वारका?
  • अगर आप किसी दूसरे राज्य या शहर से द्वारका जा रहे हैं तो कम समय में सफर के लिए हवाई मार्ग को अपना सकते हैं। द्वारका से सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जामनगर एयरपोर्ट है, जो 137 किमी दूर है। यहां से टैक्सी या बस से द्वारका पहुंचा जा सकता है।
  • बजट में रेल यात्रा के लिए द्वारका रेलवे स्टेशन तक जाएं, जो कि देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से द्वारिकाधीश मंदिर की दूरी लगभग दो किमी है। शेयरिंग आटो या रिक्शा से आप 10 मिनट में आसानी से मंदिर तक पहुंच सकते हैं। 
  • इसके अलावा सड़क मार्ग से यात्रा की इच्छा रखने वाले अहमदाबाद और राजकोट से अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं। यहां से द्वारका के लिए सीधी बस या कैब सेवाएं उपलब्ध हैं।
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द्वारका - फोटो : Instagram
रहने-खाने की व्यवस्था 

द्वारका में कई धर्मशालाओं से लेकर बजट और प्रीमियम होटल तक कई विकल्प हैं। यहां कम बजट में ठहरने के लिए कमरे मिल जाएंगे। वहीं गुजरात के लजीज पकवानों का भी स्वाद ले सकते हैं। द्वारका में गुजराती थाली, गुजराती स्ट्रीट फूड की लुत्फ उठा सकते हैं। अगर जन्माष्टमी के शुभअवसर पर द्वारका आ रहे हैं, तो दूध-मक्खन और खास प्रसाद भी मिल जाएगा।


द्वारका यात्रा का खर्च

जन्माष्टमी में कुछ ही दिन बाकि हैं, ऐसे में दिल्ली से जामनगर का फ्लाइट टिकट इस वक्त महंगा मिल सकता है। अगर अभी आप टिकट बुक कराते हैं तो लगभग  10 से 12 हजार रुपये एक तरफ से खर्च करने पड़ सकते हैं। हालांकि सितंबर महीने में टिकट के दाम कम हो जाएंगे। दिल्ली से द्वारका के लिए एक ही ट्रेन मिल उपलब्ध है जो कि उत्तरांचल एक्सप्रेस है। यह ट्रेन रविवार को दोपहर 1.25 बजे प्रस्थान करती है। लगभग 22 घंटे में पहुंचने वाली इस ट्रेन का 590 रुपये से 2260 रुपये तक हो सकता है। दो दिन के लिए लगभग यहां ठहरने और खाने में  आपका 1500 से 2000 रुपये प्रति व्यक्ति का खर्च  आ सकता है। बजट ट्रिप के लिए परिवहन और होटल का टिकट पहले से करा लें। जन्माष्टमी में भक्तों की अधिक भीड़ के कारण नजदीकी होटलों में कमरा मिलना मुश्किल हो सकता है।
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