फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Krishna Janmashtami 2023: करना चाहते हैं मथुरा-बरसाना की सैर पर नहीं है अधिक वक्त? इस तरह बनाएं घूमने का प्लान

Wed, 06 Sep 2023 07:14 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
मथुरा वृंदावन का दो दिन का ट्रिप - फोटो : istock
Krishna Janmashtami 2023: इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 6-7 सितंबर 2023 को मनाई जा रही है। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। इस पर्व पर लोग कृष्ण मंदिरों में जाते हैं और दर्शन व भजन करते हैं। जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी प्रसिद्ध जगहों पर घूमने जा सकते हैं।

मथुरा श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। वहीं गोकुल-वृंदावन की गलियों में कान्हा का बचपन बीता है। मथुरा भ्रमण के दौरान श्रीकृष्ण के जुड़ी सभी खास जगहों के जन्माष्टमी के मौके पर दर्शन कर सकते हैं। वहीं मथुरा वृंदावन को कम पैसों में आसानी से घूम सकते हैं। मथुरा-गोकुल की गली-गली में खूबसूरत मंदिर बसे हैं, जिसे आप आसानी से घूम सकते हैं। हालांकि इस जन्माष्टमी के मौके पर लंबी छुट्टी नहीं है, न ही वीकेंड है। लेकिन आप एक दिन की छुट्टी पर भी मथुरा वृंदावन को घूम सकते हैं। मथुरा, बरसाना, वृंदावन और गोकुल धाम के दर्शन कम समय में करने के लिए एक सुनियोजित योजना बना लें। एक या दो दिन की छुट्टी में श्रीकृष्ण की नगरी को घूमने के लिए इस तरह के बनाएं योजना।
 
विज्ञापन

2 of 7
मथुरा - फोटो : self
मथुरा वृंदावन का मिनी ट्रिप

दिल्ली या यूपी के किसी जिले में रहते हैं तो कुछ ही घंटों का सफर तय करके मथुरा पहुंच सकते हैं। दिल्ली से मथुरा का सफर सड़क मार्ग के जरिए यमुना एक्सप्रेस वे से महज ढाई घंटे में तय कर सकते हैं। बस या ट्रेन से भी मथुरा आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर एक दिन की छुट्टी है तो सुबह जल्दी मथुरा के लिए रवाना हों ताकि भोर की आरती से पहले वहां पहुंच जाएं और यमुना स्नान के लिए भी समय पर पहुंच सकते हैं। मथुरा में कुछ प्रसिद्ध और चुनिंदा जगहों को घूम सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 7
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
मथुरा वृंदावन के महत्वपूर्ण मंदिर

कृष्णजन्म भूमि

सफर की शुरुआत मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि से कर सकते हैं। राजा कंस की जेल में कान्हा का जन्म हुआ था। इसी मंदिर के दर्शन के दौरान आकर्षक गुफा में घूमने का मौका मिलता है, जिसका टिकट अलग से लेना पड़ेगा। 10 रुपये के टिकट को खरीदकर गुफा के अंदर प्रवेश कर सकते हैं, जहां श्री कृष्ण की झांकियां साउंड इफेक्ट के साथ दिखाई जाती हैं।

4 of 7
बांके बिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
बांके बिहारी मंदिर

कुछ किलोमीटर की दूरी पर वृंदावन के लिए रवाना हो, यहां बांके बिहारी का मंदिर है। इस मंदिर की इमारत राजस्थानी शैली में निर्मित है। मंदिर में कान्हा के बाल रूप के दर्शन होते हैं। मंदिर में एक भी घंटी और शंख नहीं है। मान्यता है कि भगवान को यहां वाद्य यंत्रों की आवाज पसंद नहीं थी।
विज्ञापन

5 of 7
रंगनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
रंगनाथ मंदिर

वृंदावन-मथुरा मार्ग पर श्री रंगनाथ मंदिर है जिसे रंगजी मंदिर भी कहते हैं। मंदिर दक्षिण भारतीय शैली में बना है और भगवान रंगनाथ के अवतार में कृष्ण स्थापित हैं। यहां भगवान कृष्ण की प्रतिमा दूल्हे के रूप में रखी है।
विज्ञापन

6 of 7
प्रेम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
प्रेम मंदिर

मथुरा-वृंदावन की सबसे आकर्षक जगहों में से एक प्रेम मंदिर है, जिसे जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज ने बनवाया था। मंदिर परिसर के चारों ओर बगीचे हैं और बड़ी बड़ी झांकियां देखने को मिलती हैं। इस मंदिर में शाम के समय जाना चाहिए। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर, निधिवन, गोवर्धन पर्वत, कुसुम सरोवर, यमुना घाट और इस्काॅन मंदिर घूमने जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
vrindavan temples - फोटो : istock
मथुरा-वृंदावन घूमने का खर्च

एक से दो दिन में मथुरा- वृंदावन का भ्रमण आसानी से कर सकते हैं। सफर के लिए व्यय करने की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली से मथुरा बस से जाने में लगभग 200 रुपये का टिकट मिलेगा। वहीं ट्रेन से जा रहे हैं तो 2000 रुपये तक व्यय करने पड़ सकते हैं। मथुरा में आपको 500 से 3000 रुपये तक अच्छे होटल में कमरा मिल सकता है। खाने और ठहरने का खर्च अधिक नहीं है।

कैसे घूमे मथुरा वृंदावन के मंदिर

बजट में और आरामदायक सफर के लिए स्थानीय वाहन का चयन करें। मथुरा-वृंदावन का गलियां सकरी हैं। मंदिर इन्हीं सकरी गलियों में हैं, जहां गाड़ी ले जाना मुश्किल हो सकता है। होटल से स्थानीय टैक्सी या ई रिक्शा बुक कर सकते हैं, जिसके लिए आपको महज 300 से 500 रुपये खर्च करने होंगे। एक दिन में ई रिक्शा चालक सभी महत्वपूर्ण दार्शनिक स्थलों को आराम से घुमा देंगे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें