दक्षिण भारत की पहाड़ियों में एक जगह है, जो शोर-शराबे से दूर प्रकृति की महक और अद्भुत प्राकृतिक दृस्यों को अपने में समाए छुपी हुई है। इसकी खूबसूरती के कारण इस स्थान को केरल का कश्मीर कहते हैं जो कि मुन्नार से कुछ दूरी पर कंथलूर नाम का एक छोटा सा हिल स्टेशन है। यहां की ठंडी हवा, ऊंची चोटियां, जीरो प्रदूषण, ऑर्गेनिक खेती और सबसे बड़ी बात 12 साल में खिलने वाले नीलकुरिंजी फूल इस छोटे से हिल स्टेशन को अनोखा बनाते हैं। मुन्नार की भीड़ से थक चुके यात्रियों के लिए कंथलूर एक ऐसा ठिकाना है, जहां पहाड़ आपको सुनता है, चाय का कप आपको थामता है और जंगल आपको अपनी कहानी सुनाता है। यहां के लोग आज भी कई जगहों पर बार्टर सिस्टम यानी वस्तु विनिमय प्रणाली का प्रयोग करते हैं। ये परंपरा कंथलूर की आत्मा है, जिसे देखकर लगता है कि समय भले आगे बढ़ जाए, लेकिन पहाड़ अपने संस्कार नहीं छोड़ते। आइए जानते हैं क्यों कंथलूर को केरल का कश्मीर कहते हैं और कैसे करें कंथलूर की यात्रा।