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Travel Tips: मानसून में जंगल सफारी पर जाना कितना सही? प्लान बनाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Sun, 12 Jul 2026 10:58 AM IST
Shruti Gaur लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Travel Tips: मानसून आ गया है। ऐसे में अगर आप जंगल सफारी घूमने जाने का सोच रहे हैं तो इस लेख को आखिर तक पढ़ें। हम आपको बताएंगे ये कितना सही है।
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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : AI
Travel Tips: मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी हवाएं और प्रकृति का मनमोहक नजारा लेकर आता है। ऐसे में कई लोग शहर की भागदौड़ से दूर जंगल सफारी का आनंद लेने का प्लान बनाते हैं। बारिश के दौरान जंगल पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत नजर आते हैं, नदियां और झरने जीवंत हो जाते हैं और वन्यजीवों की गतिविधियां भी बदल जाती हैं। 

कई राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व मानसून के दौरान सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के कारण आंशिक या पूरी तरह बंद रहते हैं। वहीं, फिसलन भरे रास्ते, तेज बारिश और मौसम में अचानक बदलाव भी यात्रा को प्रभावित कर सकते हैं। 

अगर आप भी मानसून में जंगल सफारी का प्लान बना रहे हैं, तो पहले यह जान लें कि कौन-से पार्क खुले हैं, किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और इस मौसम में सफर को सुरक्षित व यादगार कैसे बनाया जा सकता है।
 
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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : Instagram/gujarattourism
मानसून में जंगल सफारी पर जाना कितना सही है? 

 पहले जानें पार्क खुला है या नहीं

मानसून के मौसम में भारत के कई राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व सुरक्षा कारणों और वन्यजीवों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए कुछ महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। आमतौर पर अधिकांश पार्क 15 जून से 30 सितंबर या अक्टूबर के मध्य तक पर्यटकों के लिए बंद रहते हैं, हालांकि यह अवधि हर राज्य और पार्क के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित पार्क की आधिकारिक वेबसाइट या वन विभाग से जानकारी जरूर लें। इससे आपकी ट्रिप रद्द होने या अनावश्यक परेशानी से बच सकती है।

 
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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : Adobe stock
बारिश के मौसम में बढ़ जाती हैं चुनौतियां

मानसून में लगातार बारिश के कारण जंगल के रास्ते फिसलन भरे और कीचड़युक्त हो जाते हैं। कई जगह नदियां और नाले उफान पर होने की वजह से सफारी रूट अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाते हैं। तेज बारिश के कारण दृश्यता भी कम हो जाती है, जिससे वन्यजीवों को देखना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मौसम में यात्रा के दौरान रेनकोट, वाटरप्रूफ जूते और जरूरी सामान साथ रखना बेहद जरूरी है। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही सफर शुरू करें।

 

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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : Adobe Stock
वन्यजीवों का व्यवहार बदल जाता है

बारिश के मौसम में जंगल में पानी और भोजन की पर्याप्त उपलब्धता होने के कारण जंगली जानवर बड़े क्षेत्र में फैल जाते हैं। वे अक्सर घने जंगलों या ऊंचे इलाकों में चले जाते हैं, जिससे उनकी साइटिंग की संभावना कम हो जाती है। खासकर बाघ, तेंदुआ और अन्य बड़े वन्यजीव खुले क्षेत्रों में कम दिखाई देते हैं। हालांकि, इस मौसम में कई तरह के पक्षी, तितलियां, उभयचर जीव और सरीसृप अधिक सक्रिय नजर आते हैं, जो प्रकृति प्रेमियों के लिए खास अनुभव बन सकता है।

 
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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : Adobe stock
 प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहतरीन समय

यदि आपका उद्देश्य सिर्फ टाइगर देखना नहीं, बल्कि प्रकृति के सबसे खूबसूरत रूप का आनंद लेना है, तो मानसून जंगल घूमने का शानदार समय है। बारिश के बाद जंगल हरियाली से भर जाते हैं, झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं और वातावरण बेहद ताजा व शांत महसूस होता है। इस मौसम में फोटोग्राफी, बर्ड वॉचिंग और प्रकृति का करीब से अनुभव करने का अलग ही आनंद मिलता है। हालांकि, यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
 
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क्या बारिश के मौसम में जंगल सफारी घूमने जाना चाहिए - फोटो : Adobe Stock

मौसम का अपडेट जरूर देखें

मानसून के दौरान मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है। कई बार कुछ ही घंटों में तेज बारिश, आंधी या जलभराव जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रा प्रभावित हो सकती है। इसलिए जंगल सफारी पर निकलने से पहले मौसम विभाग का ताजा अपडेट जरूर देखें। यदि भारी बारिश, बाढ़ या खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई हो, तो यात्रा को कुछ समय के लिए टाल देना ही समझदारी है।  
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