शादी को लेकर अक्सर कहा जाता है कि रिश्ते तो ऊपर ही तय हो जाते हैं, जोड़ियां ऊपर से ही बनकर आती हैं। लेकिन इसका मतलब ये थोड़े ही है कि हम अपने स्तर से प्रयास न करें या फिर हम अपनी पसंद-नापसंद पर ध्यान न दें। पहले शादी के लिए रिश्ते तय करने में दोस्त, नाते-रिश्तेदारों आदि की बड़ी भूमिका होती थी, लेकिन समय के साथ अब ये जगह वैवाहिक यानी कि मैट्रिमोनियल साइटों ले ली है। पर क्या इनपर आंख मूंद कर भरोसा किया जाना चाहिए? आगे की चर्चा इसी बात पर: