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Hidden Tourist Places: पुरी से सिर्फ 100 किमी के अंदर हैं ये पांच छुपी हुई जगह, रथ यात्रा के बाद घूमना न भूलें

Mon, 30 Jun 2025 02:03 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Places To Visit Near Puri After Rath Yatra : अगर आप कुछ शांति और नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो पुरी से लगभग 100 किलोमीटर के भीतर मौजूद ऐसी जगहों की सैर करें जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
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जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद कहां घूमने जाएं - फोटो : adobe stock
Places To Visit Near Puri After Rath Yatra :  जगन्नाथ रथ यात्रा 26 जून को संपन्न हुई। इस दौरान उड़ीसा की तीर्थ नगरी पुरी के जगन्नाथ मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से निकलकर नगर भ्रमण पर जाते हैं। पुरी की रथ यात्रा का धार्मिक अनुभव अनोखा होता है, लेकिन इसके बाद अगर आप कुछ शांति और नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो पुरी से लगभग 100 किलोमीटर के भीतर मौजूद ऐसी जगहों की सैर करें जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। हालांकि इन स्थानों की सुंदरता, वास्तुकला या महत्व काफी है। पुरी की धार्मिकता के बाद अगर आप ओड़िशा की गहराई में जाना चाहते हैं तो इन जगहों की यात्रा जरूर करें। 
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बाराबती फोर्ट - फोटो : instagram
बाराबती किला, कटक

पुरी से लगभग 85  किलोमीटर की दूरी पर कटक में बाराबती किला स्थित है। इस किले का इतिहास 14वीं सदी का है जो कि कटक की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। यहाँ से महानदी नदी का नज़ारा बेहद आकर्षक होता है। अगर आप बाराबती किला घूमने जा रहे हैं तो यहां के प्राचीन खंडहर, गेटवे स्ट्रक्चर और पास के बाराबती स्टेडियम की सैर भी करें। ध्यान रखें कि गर्मी से बचने और अच्छी फोटो क्लिक कराने के लिए सुबह  या शाम के वक्त ही यहां की यात्रा करें।   
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धनबलेश्वर द्वीप - फोटो : instagram
धबलेश्वर द्वीप, कटक

कटक में ही धबलेश्वर द्वीप है जो कि पुरी से करीब 95 किमी दूर है। इस स्थान की विशेषता है कि यह एक शांत और सुंदर द्वीप है जो महानदी के बीच स्थित है। यहाँ भगवान शिव का प्राचीन मंदिर भी है। पर्यटक यहां झूला पुल, बोट राइड और शिवलिंग के दर्शन का आनंद प्राप्त कर सकते हैं। इस स्थान पर धार्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम अनुभव कर सकेंगे।

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मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भुवनेश्वर - फोटो : instagram
मुक्तेश्वर मंदिर, भुवनेश्वर

पुरी यात्रा के बाद लगभग 65 किमी दूर स्थित उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचें। यहां मुक्तेश्वर महादेव का मंदिर है, जो कि ओड़िशा की कलात्मक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है। इस मंदिर का इतिहास 10वीं सदी का है। इस मंदिर में इंट्रीकेट कर्विंग्स, कलात्मक तोरणद्वार और एकांत में शांति का अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए यह शानदार जगह है।
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उदयगिरी और खंडगिरी की गुफाएं - फोटो : Instagram
उदयगिरी और खंडगिरी गुफाएं, भुवनेश्वर

पुरी से 70-75 किलोमीटर दूर उदयगिरी और खंडगिरी की गुफाएं हैं। जैन धर्म से जुड़ीं ये गुफाएं दूसरी शताब्दी ई.पू.की हैं। यहां आप हाथी, सिंह और राजाओं की आकृतियों वाली नक्काशी व गुफा की ऊंचाई से शहर का दृश्य देख सकते हैं। उदयगिरी और खंडगिरी की गुफाओं के भ्रमण के लिए सबसे उपयुक्त वक्त सुबह जल्दी या शाम को सूर्यास्त के समय होता है।
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उड़ीसा राज्य संग्रहालय - फोटो : instagram
ओड़िशा राज्य संग्रहालय, भुवनेश्वर

राजधानी भुवनेश्वर में ही ओड़िशा राज्य संग्रहालय है जो कि पुरी से 65 किमी दूर है। यहाँ की गैलरियों में ओड़िशा की संस्कृति, पेंटिंग्स, हथियार, मूर्तियाँ और हस्तशिल्पों का खजाना है। बच्चों के लिए सीखने और देखने का बेहतरीन स्थान।
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