फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जन्मोत्सव पर जरूर जाएं ये 7 प्रसिद्ध मंदिर, पूरी होगी हर मनोकामना!

Wed, 01 Apr 2026 03:18 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Famous Hanuman Temples: हनुमान जयंती 2026 पर भारत के प्रमुख हनुमान मंदिर जैसे सालासर बालाजी, संकट मोचन मंदिर, हनुमानगढ़ी और जाखू मंदिर के दर्शन करना शुभ माना जाता है। इन मंदिरों में पूजा करने से संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
विज्ञापन
1 of 6
हनुमान मंदिर - फोटो : Instagram

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जन्मोत्सव, जो हनुमान जयंती के रूप में प्रचलित है, 2 अप्रैल 2026 को मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान हनुमान जी की भक्ति और शक्ति का प्रतीक है। इस खास अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। अगर आप हनुमान जन्मोत्सव पर बजरंग बली के दर्शन और पूजन की योजना बना रहे हैं, देश के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन हनुमान मंदिरों के बारे में जानें। 

हनुमान जयंती पर कुछ चमत्कारी मंदिरों के दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है। यह न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है। ध्यान रखें कि हनुमान जयंती पर मंदिरों में अधिक भीड़ हो सकती है। भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी जाएं। पूजा सामग्री पहले से तैयार रखें और ऑनलाइन दर्शन या लाइव दर्शन विकल्प भी देखें। 

इस लेख में कुछ सबसे प्रसिद्ध और चमत्कारी हनुमान मंदिरों के बारे में जानिए।

 

विज्ञापन

2 of 6
सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान - फोटो : Instagram/salasarofficial

भारत के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर

सालासर बालाजी मंदिर, राजस्थान

राजस्थान का यह मंदिर सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक है। इसे विश्व प्रसिद्ध जागृत धाम माना जाता है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा का स्वरूप दाढ़ी-मूंछ वाला है। मंदिर को लेकर कथा प्रचलित है कि संत मोहनदास के सपने में हनुमान जी ने दर्शन दिए और उनकी मूर्ति को तलाश कर सालासर लाने का आदेश दिया। उनकी प्रतिमा नागौर के असोटा गांव में एक जाट किसान के हल से फंस कर पृथ्वी से प्रकट हुई थी। एक मान्यता ये भी है कि इस मंदिर में 300 साल पहले प्रज्वलित की गई अखंड धूणा आज भी जल रही है।

अगर आप यहां दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो चुरू जिले से निकटतम एयरपोर्ट लगभग 170 किमी की दूरी पर जयपुर हवाई अड्डा है। आगे का रास्ता बस या टैक्सी से पूरा किया जा सकता है। मंदिर से 55 किमी की दूरी पर सीकर रेलवे स्टेशन या रतनगढ़ लगभग 60 किमी दूरी पर है। लोगों का मानना है कि यहां नारियल चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

विज्ञापन

3 of 6
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, राजस्थान - फोटो : Facebook/MehandipurBalajiMandir

मेहंदीपुर बालाजी, राजस्थान

राजस्थान के दौसा जिले में मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर है, जहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान है। कथा प्रचलित है कि यहां के दिव्य स्वरूप की स्थापना खुद बजरंगबली जी ने की और मंदिर के वर्तमान महंत के पूर्वजों को स्वप्न में दर्शन देकर इस स्थान के बारे में बताया, जिसके बाद मंदिर का निर्माण हुआ। 

मेहंदीपुर बालाजी में हनुमान जी के साथ ही प्रेतराज सरकार यानी यमराज के दूत और कोतवाल कप्तान के रूप में भैरव बाबा की भी पूजा की जाती है। 

इस मंदिर तक पहुंचने के लिए बांदीकुई जंक्शन तक रेल आती है जो कि मंदिर क्षेत्र से 35-40 किमी दूर है। आगे टैक्सी से जा सकते हैं। हवाई यात्री जयपुर एयरपोर्ट से 100-110 किमी का सफर तय कर सकते हैं।

4 of 6
जाखू मंदिर - फोटो : istock

जाखू मंदिर, शिमला

ये प्राचीन हनुमान मंदिर जाखू पहाड़ी पर स्थित है। यहां विश्व की सबसे ऊंची 108 फीट हनुमान प्रतिमा स्थित है। इस मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है। माना जाता है कि संजीवनी खोजते समय हनुमान जी ने इसी स्थान पर विश्राम किया था। कहते हैं जब हनुमान जी ने यहां पैर रखा तो पहाड़ी चपटी हो गई थी। वही एक मान्यता ये भी है कि याक ऋषि ने यहां तपस्या की थी, इसलिए इस स्थान का नाम याक-शू या जाखू पड़ा।

जाखू मंदिर जाने के लिए शिमला में रिज से जाखू रोपवे मिल जाएगी जो मंदिर तक पहुंचने का सबसे तेज तरीका है। इसके अलावा लगभग दो किमी का पैदल मार्ग भी तय किया जा सकता है। शिमला तक का सफर करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प बस या सड़क मार्ग है। दिल्ली से कालका के लिए ट्रेन भी ले सकते हैं, जो कि 4-5 घंटे का मार्ग है। कालका से शिमला तक टाॅय ट्रेन से जा सकते हैं। अगर हवाई यात्रा करना चाहते हैं तो करीबी एयरपोर्ट चंडीगढ़ में है। यहां से शिमला की दूरी करीब 1 से डेढ़ घंटे की समय अवधि में तय की जा सकती है

विज्ञापन

5 of 6
लेटे हनुमान जी का मंदिर - फोटो : instagram
प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर

संगम नगरी प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के पास लेटे हनुमान जी का मंदिर है, जिसे बड़े हनुमान जी भी कहते हैं। यह विश्व का एकलौता मंदिर है,ज हां भगवान की 20 फीट लंबी मूर्ति लेटी हुई मुद्रा में है। यहां हनुमान जी को प्रयागराज का कोतवाल भी कहा जाता है। कथा प्रचलित है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी ने माता सीता के कहने पर संगम तट पर विश्राम  किया था। मंदिर का इतिहास 600-700 साल पुराना बताया जाता है। 

मंदिर संगम के पास अकबर किले के बग में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए आप प्रयागराज जंक्शन से 7-8 किमी का सफर टैक्सी या ई रिक्शा से पूरा कर सकते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
हनुमानगढ़ी अयोध्या - फोटो : instagram

हनुमानगढ़ी, अयोध्या

भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या में भी हनुमान जी का किले नुमा गुफा मंदिर है। यह सरयु तट पर एक ऊंचे टीले पर स्थित है और रामजन्म भूमि मंदिर परिसर के पास है। 76 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर में हनुमान जी के बाल स्वरूप के दर्शन किए जा सकते हैं। मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले यहां आज्ञा लेना अनिवार्य है, इसलिए जन्मभूमि मंदिर से पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन करें। 

हनुमानगढ़ी की यात्रा के लिए अयोध्या हवाई अड्डे या अयोध्या जंक्शन से सफर की शुरुआत कर सकते हैं। रेलवे स्टेशन से एक किमी दूरी पर ही मंदिर है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें