गोवर्धन पूजा
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गोवर्धन पूजा की कथा
इस बार14 नवंबर को गोवर्धन पूजा मनाई जा रही है। गोवर्धन पूजा की कथा श्रीकृष्ण के बालरूप की नटखट शरारतों से जुड़ा पर्व है। एक बार गोकुल में बहुत अधिक वर्षा हुई। गोकुलवासियों को लगा कि इंद्रदेव उनसे रुष्ट हो चुके हैं। वह इंद्रदेव की पूजा करने लगे। इस पर श्रीकृष्ण ब्रजवासियों को पास में स्थित गोवर्धन पर्वत के पास ले गए और कहा, हे गोवर्धन नाथ हम ब्रजवासियों की रक्षा करो।
इतना कहकर कान्हा ने अपनी छोटी उंगली से पर्वत को उठा लिया। बृजवासी बारिश से बचने के लिए पर्वत के नीचे आ गए। उस दिन के बाद गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाने लगी। मान्यता है कि गोवर्धन पर्वत बादलों को रोककर बृज में वर्षा कराते हैं, जिससे कृषि अच्छी होती है।