फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौरवशाली इतिहास से रूबरू होना है तो घूम आएं चुनार का किला, उपन्यास 'चंद्रकांता' से है गहरा संबंध

Fri, 28 Feb 2020 11:58 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
Chunar fort - फोटो : Social Media
दूरदर्शन पर एक धारावाहिक आता था- चंद्रकांता। देवकीनंदन खत्री के मशहूर उपन्यास चंद्रकांता पर नीरजा गुलेरी ने यह धारावाहिक बनाया था, जो बहुत लोकप्रिय हुआ। आपने भी यह धारावाहिक जरूर देखा होगा और नहीं देखा होगा तो इसके बारे में सुना तो जरूर ही होगा। कहा जाता है कि लेखक खत्री ने यह उपन्यास चुनार का किला और इसके आसपास की जगहों से प्रभावित होकर लिखा था। चुनार का किला का इतिहास गौरवशाली रहा है। इसके बारे में जानने को, यहां घूमने और करने को और भी काफी कुछ है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से: 
विज्ञापन

2 of 5
चुनार का किला - फोटो : facebook
उत्तर प्रदेश में वाराणसी के पास एक शहर है मिर्जापुर। यहां से 35 किलोमीटर की दूरी पर गंगा तट पर स्थित है चुनार। टैकोर इलाके में स्थित चुनार किला आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। भगवान विष्णु के वामन अवतार जैसे पौराणिक कथानकों से इसका संबंध बताया जाता है, जबकि प्राचीन साहित्य में चरणाद्रि, नैनागढ़ आदि नामों से यहां का उल्लेख मिलता है। गंगा तट पर बना ऐतिहासिक पहाड़ी भव्य किला यहां का प्रमुख आकर्षण है।
विज्ञापन

3 of 5
Fort(File Photo) - फोटो : Social Media
बताया जाता है कि राजा विक्रमादित्य ने अपने भाई राजा भर्तृहरि के लिए इस किले को बनवाया था। किले के अंदर 52 खंभों की छतरी और सूर्य घड़ी भी बनी हुई है। जलवायु की दृष्टि से चुनार को आदर्श स्थान बताया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तो जब भी बाढ़ आई, तब इसी किले में लोगों ने शरण ली। 

4 of 5
chunar - फोटो : अमर उजाला
गंगा से सटे होने की वजह से दुर्ग से टकराकर धारा उत्तरामुखी हो जाती है और इसके बाद गंगा सीधे काशी की ओर चली जाती है। हजारों वर्ष पुराने इस दुर्ग का उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने जीर्णोद्धार कराया था। इसका संदर्भ पुराण में वर्णित राजा भर्तृहरि से है। इस किले का जिक्र अकबर कालीन इतिहासकार शेख अबुल फजल के आइने अकबरी में भी मिलता है। कहा है कि देवकीनंदन खत्री ने अपने लोकप्रिय उपन्यास 'चंद्रकांता' में रहस्य, रोमांच और ऐयारी की पृष्ठभूमि इन्हीं इलाकों से प्रभावित होकर दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कैसे पहुंचें:
  • हवाई मार्ग: यहां जाने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा वाराणसी है, जहां से सड़क मार्ग से चुनार किला पहुंच सकते हैं। 
  • सड़क मार्ग: मिर्जापुर नेशनल हाइवे से कई शहरों से जुड़ा हुआ है। वाराणसी से बसें भी चलती है। 
  • रेल मार्ग से: मिर्जापुर रेलवे मार्ग से देश के कई प्रमुख स्टेशनों से जुड़ा हुआ है, जहां उतरकर आप चुनार किला देखने पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें