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सात प्राचीन शहरों में से एक महाभारत काल की नगरी, जहां आज भी मिलते हैं उस समय के प्रमाण

Sat, 26 Oct 2019 04:15 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : social media
जीवन के एक पड़ाव के बाद कुछ धार्मिक जगहों के दर्शन करना हर किसी की चाह होती है। ऐसे में अगर आप माता-पिता को किसी पवित्र धाम की यात्रा करवाते हैं तो वो बहुत खुश हो जाएंगे। तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहें है कृष्ण की पवित्र कर्म नगरी के बारे में जिसको साक्षात ब्रह्मा का द्वार कहा जाता है। लेकिन कृष्ण की नगरी मथुरा या वृंदावन की बात हम नहीं कर रहें हैं। तो चलिए जानें कि कृष्ण की कर्म नगरी में क्या है घूमने के लिए।

 
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द्वारका, गुजरात
द्वारका को कृष्ण की कर्म नगरी के नाम से भी जाना जाता है। इसका नाम द्वारका का अर्थ है ब्रह्मा का द्वार। ये नगर सात पुराने शहरों में से एक है। इसे चार धामों के नाम से भी जाना जाता है। द्वारका के इतने सारे धार्मिक महत्व के कारण ही लोग द्वारका दर्शन के लिए जाना चाहते हैं।

 
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द्वारकाधीश मंदिर
द्वारकाधीश मंदिर द्वारका का मुख्य मंदिर है जिसे जगत मंदिर भी कहा जाता है। कृष्ण की राजधानी रह चुकी इस नगरी में द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण कृष्ण के पौत्र वज्रनाभ ने कराए थे। इस मंदिर के प्रांगण में बहुत सी सुंदर और कलात्मक संरचनाओं का निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ था।

 

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- फोटो : pixa
घुमली
बारदा पहाड़ी की तलहटी में एक छोटा सा गांव है जिसे घुमली कहा जाता है। जिसकी स्थापना 7 वीं शताब्दी में जेठवा साल कुमार ने की थी। गुजरात में मंदिरों का शहर कहलाने के पहले यह स्थान जेठवा राजवंश की राजधानी था। इनमें से सोलंकी राजवंश का नवलखा मंदिर प्रसिद्ध है जो गुजरात के सबसे पुराने सूर्य मंदिर के रूप में जाना जाता है। द्वारका में एक बावड़ी भी है जिसे विकई वाव कहा जाता है। 

 
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नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर
शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है नागेश्वर ज्योतिर्लिंग। यहां पर दूर-दूर से शिव के भक्त दर्शन के लिए आते हैं। इसके साथ ही ये एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। 

 
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भलका तीर्थ 
द्वारका का सबसे रोचक स्थान है भलका तीर्थ। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहीं वो जगह है जहां पर भगवान कृष्ण के पैर में एक शिकारी ने तीर मारा था। ये स्थान सोमनाथ के उत्तर की ओर बसा हुआ है। इस मंदिर के प्रांगण में तुलसी का एक पौधा लगा हुआ है जो कृष्ण की स्मृति में लगाया गया है।

 
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बेट द्वारका
अगर किसी इंसान की रूचि थोड़ी भी धर्म-कर्म में है तो इस जगह को देखकर उसे बड़ी ही प्रसन्नता होगी। क्योंकि द्वारका नगरी के इस आइलैंड में बड़े ही सुंदर और दुर्लभ मंदिर हैं जो कहीं और नहीं है। इस जगह को बेट शंखोधर के नाम से जाना जाता है। समुद्र के किनारे बने इस बंदरगाह पर डॉल्फिन देखने के साथ ही कैपिंग का भी मजा ले सकते हैं। 

 
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द्वारका कैसे पहुंचे
द्वारका जाने के लिए आप चाहे तो फ्लाइट से, टैक्सी से या फिर ट्रेन से पहुंच सकते हैं। द्वारका तक जाने में किसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता है। यहां का सबसे पास हवाई अड्डा जामनगर का है। 
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