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Chaitra Navratri 2026: यूपी के प्रसिद्ध शक्तिपीठ, नवरात्रि में जरूर करें इन मंदिरों की यात्रा

Tue, 17 Mar 2026 03:14 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Shaktipeeth In UP : चैत्र नवरात्रि में उत्तर प्रदेश के विंध्याचल देवी, नैमिषारण्य ललिता देवी, शाकुंभरी देवी और देवीपाटन मंदिर जैसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों की यात्रा विशेष फलदायी मानी जाती है। इन मंदिरों की कथाएं और चमत्कार भक्तों के बीच बेहद प्रसिद्ध हैं।
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नवरात्रि में करें इन मंदिरों के दर्शन - फोटो : Amar ujala

UP Ke Famous Devi Mata Mandir: चैत्र नवरात्रि का पर्व देवी दुर्गा की उपासना का सबसे पावन समय माना जाता है। इस दौरान भक्त माता के मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। 19 मार्च 2026 से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर अगर आप देवी मां के मंदिरों में दर्शन के लिए जाना चाहते हैं तो यूपी में कई प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर हैं, जहां दर्शन से और पूजन से मन को शांति मिलती है और ऐसा लगता है कि देवी का आशीर्वाद प्राप्त कर लिया है।

उत्तर प्रदेश में कई ऐसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ और देवी मंदिर हैं, जिनकी महिमा और चमत्कार पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। इस मंदिरों की कथाएं और चमत्कार भक्तों को गहरी श्रद्धा से जोड़ते हैं। अगर आप इस नवरात्रि एक आध्यात्मिक यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो ये मंदिर आपकी यात्रा को खास बना देंगे।

ध्यान रखें कि नवरात्रि पर मंदिरों में काफी भीड़ रहती है। इसलिए सुबह जल्दी दर्शन के लिए जाएं। भीड़ से बचने के लिए प्लानिंग करें। प्रसाद और पूजा सामग्री साथ रखें। 

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विंध्याचल देवी मंदिर - फोटो : Amar ujala

विंध्याचल देवी मंदिर, मिर्जापुर


यह मंदिर मां विंध्यवासिनी को समर्पित है और भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है। विंध्याचल देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर विंध्याचल में स्थित है। यह माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता यहां महिषासुर का वध करने के बाद माता वास करने लगीं। मंदिर के पास अन्य प्रसिद्ध स्थल जैसे अष्टभुजा मंदिर, काली खोह और सीताकुंड है। नवरात्रि में यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।

यहां पहुंचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन विंध्याचल है जो कि मंदिर से मात्र एक किमी दूर है। आप मिर्जापुर या वाराणसी रेलवे स्टेशन के माध्यम से भी पहुंच सकते हैं। 

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शाकंभरी देवी मंदिर - फोटो : Amar ujala

शाकुंभरी देवी मंदिर, सहारनपुर


यह मंदिर मां शाकुंभरी को समर्पित है, जिन्हें अन्न की देवी भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में शिवालिक पहाड़ियों में शाकुंभरी माता मंदिर स्थित है। इसे एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है, जो भक्तों के बीच लोकप्रिय है। मान्यता है कि देवी मां ने अकाल के समय धरती को अन्न से भर दिया था। यहां आने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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देवी पाटन मंदिर बलरामपुर - फोटो : Amar ujala

देवीपाटन मंदिर, बलरामपुर

 

यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता सती का दाहिना कंधा गिरा था, जिसे पात कहते हैं। इसी कारण मंदिर का नाम देवीपाटन पड़ा। यह मंदिर बलरामपुर से करीब 25 किमी दूर तुलसीपुर में स्थित है। यहां दर्शन करने से सभी कष्ट दूर होते हैं।

 
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ललिता देवी मंदिर, नैमिषारण्य - फोटो : Amar ujala

ललिता देवी मंदिर, सीतापुर

 

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में स्थित नैमिषारण्य में ललिता देवी मंदिर स्थित है। इस मंदिर को बहुत पवित्र माना जाता है। कहते हैं कि नैमिषारण्य भगवान विष्णु के चक्र से जुड़ा है। यहां पूजा करने से पापों का नाश होता है। मान्यता है कि ललिता देवी मंदिर में माता सती का हृदय गिरा था और यह स्थान लखनऊ से 100 किलोमीटर दूर है।

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तरकुलहा मंदिर, गोरखपुर - फोटो : Amar Ujala

मां तरकुलहा मंदिर

 

गोरखपुर जिल में स्थित ये मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। मां तरकुलहा देवी को शक्ति का अवतार माना जाता है। ये मंदिर प्राचीन काल से यहां स्थित है और स्थानीय लोगों की मन्नतें पूरी करने के लिए जाना जाता है।

मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू है, यानी धरती से स्वयं प्रकट हुई है। मां तरकुलहा मंदिर में श्रद्धालु जो भी मनोकामना लेकर आते हैं, वे पूरी होती हैं। खासकर संतान सुख, परिवार की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि के लिए यहां विशेष रूप से पूजा की जाती है। 

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