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Chaitra Navratri 2025: ज्वाला देवी-कांगड़ा देवी समेत हिमाचल में हैं कई प्रसिद्ध देवी मंदिर

Mon, 31 Mar 2025 10:31 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

यहां हिमाचल प्रदेश में स्थित देवी माता मंदिर और शक्तिपीठों की सूची दी जा रही है। छुट्टियों और बजट के अनुसार जिस मंदिर के दर्शन करने हो, वहां की यात्रा की योजना बनाएं।
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मंदिर - फोटो : Adobe
Chaitra Navratri 2025 : लंबे समय से सफर की योजना बना रहे लोगों के लिए नवरात्रि में खास मौका मिल सकता है। इस दौरान अब देश के प्राचीन मंदिरों या शक्तिपीठों के दर्शन पर भी जा सकते हैं और आसपास के अन्य पर्यटन स्थलों की सैर का लुत्फ भी उठा सकते हैं। हिंदू धर्म में अधिकतर देवी माता मंदिर पहाड़ों पर स्थित हैं। यहां जम्मू के कटरा में माता वैष्णो देवी का मंदिर है, जहां गुफा में माता विराजमान हैं तो वहीं उत्तराखंड में नैनादेवी मंदिर और हिमाचल प्रदेश में ज्वाला जी मंदिर है। 

इन मंदिरों की यात्रा के साथ आप हिल स्टेशन घूमने भी जा सकते हैं। खूबसूरत पहाड़ों में ठंडी हवाओं के बीच मंदिरों में दर्शन व पूजा अर्चना के साथ अच्छी-अच्छी फोटो क्लिक कराएं। हिमाचल प्रदेश अपने हिल स्टेशनों या पर्यटन स्थलों के लिए मशहूर हैं। इस बार हिमाचल प्रदेश में स्थित देवी मंदिरों के दर्शन के लिए आ सकते हैं। 

इन मंदिरों के दर्शन करने से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है, बल्कि हिमाचल की सुंदर प्राकृतिक वादियों का अनुभव भी किया जा सकता है। यहां हिमाचल प्रदेश में स्थित देवी माता मंदिर और शक्तिपीठों की सूची दी जा रही है। छुट्टियों और बजट के अनुसार जिस मंदिर के दर्शन करने हो, वहां की यात्रा की योजना बनाएं।
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ज्वाला देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश - फोटो : instagram
ज्वाला देवी मंदिर

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ज्वाला देवी मंदिर है। यह मंदिर मां ज्वाला को समर्पित है। मान्यता है कि इस मंदिर में प्राकृतिक रूप से अग्नि की ज्वालाएं प्रकट होती हैं। यहां माता अग्नि के रूप में सदैव ज्वलित रहती हैं। ज्वाला जी माता मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां माता सती की जिव्हा यानी जीभ गिरी थी। 
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कांगडा माता मंदिर हिमाचल - फोटो : instagram
कांगड़ा देवी

कांगडा जिले मे ही बृजेश्वरी मंदिर है, जो मां दुर्गा को समर्पित है। इस मंदिर को कांगड़ा देवी मंदिर भी कहते हैं। इसे भी शक्तिपीठ में गिना जाता है। यहां माता सती का दाहिना वक्ष गिरा था।  मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण कराया था।

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चामुंडा माता मंदिर - फोटो : instagram
चामुंडा देवी मंदिर

राज्य के कांगडा जिले में एक और शक्तिपीठ स्थित है, जो चामुंडा देवी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर मां दुर्गा के चामुंडा रूप की पूजा होती है। मान्यता है कि यहां माता सती का कपाल गिरा था। यह मंदिर बाणगंगा नदी के किनारे स्थित है और यहां भक्त तांत्रिक साधना भी करते हैं।
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नैना देवी मंदिर - फोटो : Instagram
नैना देवी मंदिर

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर है। यह देवी के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में एक है, जहां माता सती के नेत्र गिरे थे। यह मंदिर त्रिकोणीय पहाड़ी पर स्थित है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु हर साल दर्शन करने आते हैं।
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चिंतपूर्णी मंदिर हिमाचल प्रदेश - फोटो : instagram
चिंतपूर्णी देवी मंदिर

ऊना जिले में चिंतपूर्णी देवी मंदिर है। यह मंदिर मां पार्वती के स्वरूप में माता चिंतपूर्णी को समर्पित है। यहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माता चिंतपूर्णी चार शिवलिंग सो घिरी हुई हैं। एक शिववाड़ी, दूसरा कालेश्वर धाम, तीसरा कासब मंदिर और मचकूंद महादेव मंदिर। मान्यता है कि चिंतपूर्णी में माता सती के चरण गिरे थे। 
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