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Bhai Dooj 2023: हर भाई-बहन को साथ करनी चाहिए इन मंदिरों में पूजा, भाई दूज के मौके पर करें दर्शन

Wed, 15 Nov 2023 08:26 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाई दूज 2023 - फोटो : Istock
Bhai Dooj 2023 : इस बार 15 नवंबर को भाई दूज का पर्व मनाया जा रहा है। भाई दूज भाई और बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व है। इस त्यौहार में बहन चौक बनाकर पूजा करते हैं और फिर अपने भाई के माथे पर तिलक करती हैं। भाई का मुंह मीठा किया जाता है। भाई भी बहन को तोहफा देते हैं और रक्षा का वचन लेते हैं।

भाई दूज का पर्व रक्षाबंधन की तरह ही होता है। इस मौके पर भाई-बहन समेत कजिन एकत्र होते हैं। भाई और बहन कुछ खास जगहों पर जाकर त्योहार को अधिक उत्साह से मना सकते हैं। हिंदू धर्म के इस खास पर्व को मनाने के लिए कुछ मंदिर भारत में मौजूद हैं, जहां भाई-बहन जा सकते हैं। इस बार भाई दूज के मौके पर भाई-बहन भारत के इन मंदिरों के दर्शन के लिए जा सकते हैं।
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धर्मराज मंदिर। - फोटो : संवाद
मथुरा का यमुना धर्मराज मंदिर

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में भाई बहन को समर्पित एक मंदिर है। यह मंदिर यमराज और उनकी बहन यमुना मां का है। मथुरा के प्रसिद्ध विश्राम घाट पर बने इस मंदिर में यमराज और उनकी बहन यमुना मां की खास पूजा होती है। मान्यता है कि भाई बहन को यमुना नदी में साथ डुबकी लगाने के साथ ही मंदिर में एक साथ दर्शन करने चाहिए।
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सिवान वटवृक्ष - फोटो : facebook
भैया बहिनी गांव, बिहार

बिहार के सिवान में भाई-बहन का खास मंदिर है। महाराजगंज अनुमंडल मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर भीखा बांध के पास में  भैया बहनी गांव है। यहां 500 सालों से भाई-बहन की पूजा की जाती एक भाई-बहन ने इस स्थान पर समाधि ली थी, वहां दो वटवृक्ष निकल आएं हैं, जिनकी जड़ों का पता किसी को नहीं है। मान्यता है कि भाई बहन यहां वटवृक्ष की परिक्रमा करते हैं।

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नए साल में जाएं ये मंदिर - फोटो : Istock
बिजनौर में भाई-बहन का मंदिर

बिजनौर में चूड़ियाखेड़ा के जंगल में भाई-बहन का एक प्राचीन मंदिर है। मान्यता है कि सतयुग में एक भाई अपनी बहन को ससुराल से पैदल लेकर लौट रहा था, इस दौरान डाकुओं ने दोनों को रोककर महिला संग बदसलूकी और अभद्र व्यवहार किया। भाई-बहन ने भगवान से रक्षा की प्रार्थना की। भाई बहन पत्थर की प्रतिमा में परिवर्तित हो गए। आज भी उनकी प्रतिमा देवी देवताओं के रूप में विराजमान है।
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बंशीनारायण मंदिर - फोटो : facebook/balaji.gupta.92
उत्तराखंड का बंसी नारायण मंदिर

उत्तराखंड में स्थित बंसी नारायण के कपाट साल में एक ही बार खुलते हैं। हालांकि अगर आप घूमने जा रहे हैं तो इस मंदिर को घूम आएं। वंशीनारायण का यह चमत्कारी और अनोखा मंदिर चमोली जिले में स्थित है। मान्यता है कि भगवान विष्णु वामन अवतार से मुक्त होने के बाद सबसे पहले यहीं प्रकट हुए थे। इस मंदिर में बहन अपने भाई के माथे पर तिलक कर सकती है।
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