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जानिए किन 5 वजहों से विशलिस्ट में होना चाहिए मध्यप्रदेश की यात्रा

Mon, 07 Dec 2020 01:03 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मध्यप्रदेश के दर्शनीय स्थल - फोटो : pixa

यदि आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं तो मध्यप्रदेश की यात्रा करना तो बनता है। भारत का दिल कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में देखने और जानने के लिए बहुत कुछ है। इतिहास प्रेमियों का तो मध्यप्रदेश घूमकर दिल बाग-बाग हो जाएगा। मध्यप्रदेश घूमने का फायदा यह भी है कि यहां घूमना अन्य प्रदेशों में घूमने की तुलना में सस्ता है। यहां घूमने के लिए आपको बहुत अधिक बजट की आवश्यकता भी नहीं होगी। कोरोना के बाद यदि आप घूमने की योजना बना रहे हैं तो मध्यप्रदेश को आप आराम से अपनी विशलिस्ट में शामिल कर सकते हैं। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए मध्यप्रदेश के दर्शनीय स्थलों के बारे में। 

 

 

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सांची स्तूप में बुद्ध के अवशेष पाएं जाते हैं - फोटो : Pixabay

सांची स्तूप
सांची स्तूप का निर्माण सम्राट अशोक द्वारा तीसरी शताब्दी ईसापूर्व में करवाया गया था। आगे चलकर बौद्ध सम्राटों ने इसमें सजावटी दरवाजे बनवाये। कहा जाता है कि इसमें बुद्ध के अवशेष पाएं जाते हैं। यूनिस्को ने इसे विश्व विरासत स्थल का दर्जा दे रखा है। सांची के स्तूप का व्यास 36.5 मी. और ऊँचाई लगभग 21.64 मी. है |

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भीमबेटका - फोटो : Social media

भीमबेटका
इतिहास में रूचि रखने वालों को तो भीमबेटका जरूर जाना चाहिए क्योंकि यहां की गुफाएं पाषाण युग की शुरुआत को दर्शाती हैं।  भीमबेटका, यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी  है। यहां आज भी गुफाएं भीतर 30,000 वर्ष पुरानी पेंटिंग बनी हुई है। इन पेंटिंग्स में नृत्यकला, बैल आदि का विवरण है। भोपाल से मात्र 1 घंटे में भीमबेटका पहुंचा जा सकता है। 

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भारत में एकमात्र बचा हुआ हम्माम भोपाल में स्थित है - फोटो : राजभवन, मध्य प्रदेश

भोपाल का हम्माम 
यह बहुत अचंभित करने वाली बात है कि भारत में एकमात्र बचा हुआ हम्माम भोपाल शहर के कृष्णानगर में स्थित है। इस तीन सौ वर्ष पुराने  हम्माम को गोंड के युग में 1700 के दशक में बनाया गया था। बाद में यह इलाका नवाबों की तरफ से हज्जाम हम्मू खालिदा को उपहार में दिया गया था। हम्माम को तुर्की स्नान भी कहा जाता है। भारत में इसे बनवाने की शुरुआत इस्लाम के आने से हुई।

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चित्रकूट - फोटो : Social Media

चित्रकूट
यदि आप राम भक्त हैं और अपनी सनातन संस्कृति को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो चित्रकूट आप ही का इंतजार कर रहा है। चित्रकुट का इतिहास में इसलिए बहुत महत्व है क्योंकि राम जी ने लक्ष्मण और सीता के साथ यहां अपना वनवास काल बिताया था। यहां देखने के लिए राम शैय्या, रामघाट,  हनुमानधरा और भी कई सारे पवित्र स्थान हैं। यहां की ऊर्जा बहुत सकारात्मक है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

धुआंधार जल प्रपात
धुआंधार जल प्रपात मध्यप्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती का सजीव प्रमाण है। जब मां रेवा जबलपुर से होकर गुजरती हैं और संगमरमर की चट्टानों से 30 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरती हैं तो इतना आकर्षक दृश्य बनता है। वातावरण में कुछ दिखाई नहीं देता, धूंध और धुंआ सबकुछ छिपा देता है इसलिए इसे धुआंधार प्रपात कहा जाता है।  

 

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