साथ और तालमेल से बनेगी बात
- फोटो : Adobe
साथ और तालमेल से बनेगी बात
कुल मिलाकर, रविवार महिलाओं के लिए ‘छुट्टी का दिन’ कम और ‘सबके लिए सब कुछ संभालने का दिन’ ज्यादा बन जाता है। लेकिन आपसी समझ, तालमेल, आर्थिक स्वतंत्रता और पारिवारिक सहयोग से यह स्थिति बदली जा सकती है। इसके लिए हफ्ते भर में कम से कम रविवार को एक घंटा खुद के लिए निकालें। किताब पढ़ें, टहलें, संगीत सुनें, डांस करें या जो अच्छा लगे, वो करें। इससे आपको सुकून मिलेगा और आप तरोताजा अनुभव करेंगी। साथ ही सोमवार का दिन आपको ऊर्जा से भरा हुआ लगेगा।
दोपहर के बाद कम से कम एक घंटे तक फोन/स्क्रीन से दूर रहें। कुछ ऐसा करें, जो आपको पसंद है, फिर चाहे वो कुछ नया करना हो, पेंटिंग हो, कढ़ाई हो या बस ऐसे ही लेटे रहना। उसके बाद परिवार के साथ समय बिताने के लिए कोई मूवी देखें, गेम खेलें या वॉक पर जाएं। रविवार का मजा आपको भी तो मिलना चाहिए, इसलिए खुद को दोषी न समझें। याद रखें, आप ही अपने छोटे-छोटे कदमों से रविवार को ‘अपना’ और ‘खुशी’ से भरा बना सकती हैं।