सोचिए कि आपसे दिनभर काम कराया जाए और फिर आपको उस काम के पैसे न दिए जाए, तो आप क्या सोचेंगे? ठीक ऐसा ही गृहणी यानी घर पर काम करने वाली महिलाओं के साथ होता है। महिलाएं जब घर पर काम करती हैं, जैसे- खाना बनाना, घर की सफाई, बच्चों की देखरेख आदि। तो उन्हें इसके बदले कोई वेतन नहीं मिलता। बल्कि हर गृहणी बिना किसी शिकायत, बिना किसी नाराजगी के ये काम करती हैं। तो क्या ऐसी महिलाओं के लिए कोई वेतन नहीं होना चाहिए? आखिर महिलाओं को वेतन मिले तो कितना मिलना चाहिए? चलिए इस पर नजर डालते हैं।