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शारदीय नवरात्रि 2026: 9 दिन, मां दुर्गा के 9 स्वरूप, जानें किस दिन किस देवी की पूजा

Sat, 03 Oct 2026 01:37 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि के मौके पर 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री से शुरू होकर नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा तक नवदुर्गा की यह परंपरा चलती है। 
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नवरात्रि नौ दिन नौ देवी पूजन - फोटो : AI

Navratri 9 Days, 9 Forms Of Durga: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है, जिसमें नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी और 19 अक्टूबर तक नौ दिनों का पर्व चलेगा।

11 अक्टूबर को घटस्थापना होगी और इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाएगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की परंपरा है। इन्हें सामूहिक रूप से नवदुर्गा कहा जाता है। 

इन नौ स्वरूपों को देवी शक्ति के अलग-अलग रूपों और गुणों से जोड़ा जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार व्रत, पूजा, मंत्र-जप और आरती करते हैं। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में पूजा-पंडाल, गरबा, डांडिया और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं। 

आइए जानते हैं नवरात्रि 2026 में किस दिन मां के किस स्वरूप की पूजा होगी और नवदुर्गा के इन नौ रूपों का पारंपरिक महत्व क्या है।

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नवरात्रि: मां शैलपुत्री - फोटो : adobe stock

नवरात्रि 2026 में किस दिन किस देवी की पूजा होगी?

11 अक्टूबर- मां शैलपुत्री

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। शैलपुत्री का अर्थ पर्वत की पुत्री माना जाता है और इन्हें देवी पार्वती के स्वरूप से जोड़ा जाता है। 11 अक्टूबर को घटस्थापना का मुहूर्त भी इसी दिन है। मां शैलपुत्री शक्ति, स्थिरता और नई शुरुआत का प्रतीक हैं।

 

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मां ब्रह्मचारिणी - फोटो : adobe

12 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है। नवदुर्गा की सूची में यह देवी का दूसरा स्वरूप हैं और इन्हें तप, साधना तथा संयम से जोड़ा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप तपस्या, धैर्य और संयम का प्रतीक है।

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मां चंद्रघंटा - फोटो : adobe stock

13 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। उनके नाम का संबंध मस्तक पर सुशोभित अर्धचंद्र से बताया जाता है। परंपरा में उन्हें साहस और शक्ति से जुड़ा स्वरूप माना जाता है। मां चंद्रघंटा का पारंपरिक भाव साहस, शौर्य और आत्मविश्वास है।

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कूष्मांडा देवी - फोटो : adobe

14 अक्टूबर- मां कूष्मांडा

चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना होती है। मां कूष्मांडा ऊर्जा, सृजन और प्रकाश का प्रतीक हैं। नवदुर्गा परंपरा में उन्हें देवी का चौथा स्वरूप माना जाता है और उनका संबंध सूर्य के तेज व ऊर्जा से जोड़ा जाता है।

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देवी स्कंदमाता - फोटो : adobe stock

15 अक्टूबर- मां स्कंदमाता

पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। नाम से ही स्पष्ट है कि उन्हें भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय की माता के रूप में जाना जाता है। मां स्कंदमाता मातृत्व, करुणा और संरक्षण का प्रतीक है।

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मां कात्यायनी - फोटो : अमर उजाला

16 अक्टूबर- मां कात्यायनी

छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। नवदुर्गा की परंपरा में उन्हें महिषासुर के विरुद्ध युद्ध करने वाले देवी स्वरूप से जोड़ा जाता है। मां कात्यायनी का स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष दर्शाता है।

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मां कालरात्रि की आराधना - फोटो : adobe stock

17 अक्टूबर- मां कालरात्रि

सातवें दिन मां कालरात्रि की आराधना की जाती है। नवदुर्गा में उन्हें उग्र स्वरूप माना गया है। वह निर्भयता और नकारात्मक शक्तियों स रक्षा करती हैं। धार्मिक परंपराओं में उनका संबंध दुष्ट शक्तियों के विनाश से जोड़ा जाता है।

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मां महागौरी - फोटो : Amar Ujala

18 अक्टूबर- मां महागौरी

आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। उन्हें नवदुर्गा का आठवां स्वरूप माना जाता है। परंपरागत कथाओं में महागौरी को देवी के उज्ज्वल और शांत स्वरूप से जोड़ा गया है। मां महागौरी शांति, पवित्रता और करुणा का रूप हैं।

 

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मां सिद्धिदात्री - फोटो : Amar Ujala

19 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री

नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की परंपरा है। नवदुर्गा की सूची में वह नौवां और अंतिम स्वरूप हैं। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी के रूप में वर्णित किया जाता है। मां सिद्धिदात्री को पूर्णता, ज्ञान और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक हैं।

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