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क्या है रूस के विपक्षी नेता को दिया गया नोविचोक नर्व एजेंट जहर? जानिए कितना खतरनाक है ये

Thu, 03 Sep 2020 08:50 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जर्मनी की सरकार ने कहा है कि रूस के विपक्षी नेता अलेक्सी नवेलनी को नोविचोक नर्व एजेंट जहर दिया गया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के मुख्य आलोचक अलेक्सी पिछले महीने साइबेरिया से एक विमान पर उड़ान भरने के दौरान बीमार हो गए थे। उसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके जर्मनी लाया गया था। वह अभी तक कोमा में है। 

नोविचोक साल 2018 में खासा चर्चा में रहा था जब ब्रिटेन में रह रहे पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल और उनकी बेटी को इस जहर से निशाना बनाया गया था। रूस ने उस समय भी अपना हाथ होने से इनकार किया था और नवेलनी के मामले में भी उसका यही कहना है। आइए जानते हैं कि मिल्ट्री ग्रेड के नर्व एजेंट्स नोविचोक में आखिर है क्या। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोवियत संघ में हुआ था निर्माण

नोविचोक रूसी शब्द है जिसका अर्थ है- नवागंतुक। 1970 से लेकर 1980 के बीच विकसित नर्व एजेंट्स के समूह को नोविचोक कहा जाता है। सोवियत संघ के फोलिएंट कोड नेम वाले एक कार्यक्रम के तहत बनाए गए ये केमिकल चौथी पीढ़ी के रासायनिक हथियार हैं। नोविचोक के बारे में 90 के दशक में डॉक्टर विल मीरजायानोव ने रूसी मीडिया के जरिये जानकारी दी थी। बाद में वह देश छोड़ अमेरिका चले गए थे, जहां उन्होंने अपनी किताब 'स्टेट सीक्रेट्स' में इसका फॉर्मूला छापा था। 

1999 में अमेरिका के रक्षा अधिकारी उज्बेकिस्तान गए थे, जहां उन्होंने पूर्व सोवियत संघ की रासायनिक हथियारों की जांच करने वाला अड्डा नष्ट किया था। डॉक्टर मीरजायानोव का कहना था कि सोवियत संघ इस प्लांट में नोविचोक का परीक्षण किया करता था। ये नर्व एजेंट इस तरह से तैयार किए गए थे कि अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक इन्हें पकड़ नहीं पाते थे। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बहुत जहरीले हैं नोविचोक एजेंट

नोविचोक के कुछ संस्करण तो वीएक्स नर्व एजेंट से पांच से आठ गुना तक ज्यादा जहरीले होते हैं। रीडिंग यूनिवर्सिटी में फार्माकॉलजी के विशेषज्ञ प्रोफेसर गैरी स्टीफन्स कहते हैं कि ये सरीन या वीएक्स से बहुत खतरनाक होते हैं और इनका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। 

नोविचोक कब तक प्रभावी रहता है, इसे लेकर एक्सपर्ट एकराय नहीं हैं। डॉक्टर मीरजायनोव कहते हैं कि यह महीनों तक प्रभावी नहीं रहता। मगर स्क्रिपल को दिए गए नोविचोक एजेंट का आविष्कार करने वाले व्लादीमिर उगलेव का कहना है कि यह जहर काफी समय तक प्रभावी रहता है। अन्य विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर नोविचोक किसी बर्तन में रखा गया हो तो महीनों क्या, कई सालों तक ये असरदार बना रहता है। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में प्रोफेसर एंड्रिया सेला कहती हैं, 'ये न तो वाष्पीकृत होते हैं न पानी में घुलते हैं। समस्या की बात यह है कि इनपर ज्यादा अध्ययन नहीं हुआ।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कई प्रकार हैं इसके

कुछ नर्व एजेंट तरल होते हैं तो कुछ ठोस भी हो सकते हैं। माना जाता है कि इनका महीन पाउडर बनाया जा सकता है। कुछ नर्व एजेंट कम जहरीले होते हैं ताकि उन्हें कहीं भी सुरक्षित ढंग से ले जाया जा सके। मगर उन्हें आपस में मिला दिया जाए तो वे बेहद खतरनाक बन जाते हैं। कुछ नोविचोक एजेंट 30 सेकंड से लेकर दो मिनट तक में असर कर देते हैं। सांस के जरिये अंदर लेने, निगलने और त्वचा के संपर्क में आने से भी ये असर करने लगते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लक्षण

बाकी नर्व एजेंट की तरह नोविचोक भी नर्व सिस्टम को सुन्न कर देता है जिससे शरीर निष्क्रिय पड़ जाता है। पहला लक्षण है पुतलियां सिकुड़ना, फिर सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। डॉक्टर मीरजायनोव का कहना है कि इसके तीन एंटीडोट्स हैं- एट्रोपाइन और एथीन। इसे प्रभाव को कम किया जा सकता है मगर ये इलाज नहीं हैं। अगर कोई शख्स नर्व एजेंट के संपर्क में आए तो उसके कपड़े उतारकर त्वचा को साबुन और पानी के साथ धोना चाहिए। 
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