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Devrani Jethani Coordination Tips: जब जेठानी हो गृहिणी और देवरानी नौकरीपेशा, जानिए कैसे बचाएं रिश्ता टूटने से

Tue, 29 Jul 2025 03:13 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Devrani Jethani Coordination Tips: जेठानी-देवरानी में जब एक गृहिणी हो और दूसरी नौकरीपेशा तो दोनों के बीच तकरार होना लाजिमी है। ऐसे में आपसी तालमेल ही इस रिश्ते में खटास आने से रोक सकता है।
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देवरानी और जेठानी की बाॅन्डिंग - फोटो : Adobe
मेखला गुप्ता

भारतीय संयुक्त परिवार व्यवस्था में देवरानी-जेठानी का रिश्ता  प्रेम और तकरार का मिश्रण होता है। ऐसे में यदि जेठानी गृहिणी हो और देवरानी नौकरीपेशा या फिर इसके उलट तो यह समीकरण थोड़ा संवेदनशील हो जाता है। दोनों की दिनचर्या, जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं अलग-अलग होती हैं, जिससे आपसी तालमेल में खटास आने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। लेकिन थोड़े-से प्रयास से इस रिश्ते को मधुर बनाया जा सकता है।

सम्मान है पहली शर्त 

इस स्थिति में जेठानी को समझना चाहिए कि वर्किंग देवरानी की दिनचर्या कठिन है। ऑफिस का तनाव, समय की पाबंदी और कार्य दबाव उसकी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा पर असर डालता है। वहीं, देवरानी को भी समझना चाहिए कि जेठानी दिन भर घर संभालती है, जो एक जिम्मेदार और मेहनत भरा कार्य है। अगर दोनों एक-दूसरे की मेहनत को पहचानें और सम्मान दें तो यकीनन रिश्ते की नींव मजबूत होगी।
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संवाद बनाए रखें - फोटो : Adobe
संवाद बनाए रखें

अक्सर रिश्तों में दरार संवाद की कमी से आती है। अगर देवरानी-जेठानी खुलकर बात करें, विचार साझा करें और समस्याओं पर साथ बैठकर चर्चा करें तो गलत-फहमियों से बचा जा सकता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी दिन देवरानी को देर हो जाए तो वह जेठानी को पहले ही सूचित कर सकती है। वहीं, जेठानी भी किसी बात को मन में रखने के बजाय प्यार से स्पष्ट कर सकती है।
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दोनों की साझी योजनाएं - फोटो : Pexel
दोनों की साझी योजनाएं 

घर एक साझी जगह है, इसलिए उसकी जिम्मेदारियां भी साझा होनी चाहिए। दोनों आपसी सहमति से घरेलू कार्यों की सूची बना सकती हैं, जिसमें यह तय हो कि कौन किस कार्य को निभाएगा। उदाहरण के लिए, देवरानी सुबह का काम देखे तो जेठानी शाम का खाना बना सकती है। इस तरह आपसी सहयोग से किसी एक पर बोझ नहीं पड़ेगा।

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सप्ताहांत पर साथ-साथ - फोटो : Adobe
सप्ताहांत पर साथ-साथ

वर्किंग महिलाओं के लिए सप्ताह के पांच दिन बेहद व्यस्त रहते हैं। ऐसे में सप्ताहांत पर थोड़ा समय निकाल कर जेठानी को आराम देकर घर के काम करना आपसी रिश्ते में गर्मजोशी का भाव ला सकता है।
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प्रतिस्पर्धा नहीं - फोटो : istock
प्रतिस्पर्धा नहीं

देवरानी-जेठानी के रिश्ते में सबसे ज्यादा समस्या तब आती है, जब तुलना शुरू होती है। “वो तो सारा दिन घर पर रहती है फिर भी...” या “ऑफिस का बहाना बना कर घर के काम से बचती है!” जैसे ताने रिश्तों में खटास ला सकते हैं। दोनों को यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति की भूमिका अलग होती है। एक-दूसरे की तुलना करने के बजाय सहयोग करें।
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तारीफ करें, संकोच नहीं - फोटो : Adobe stock
तारीफ करें, संकोच नहीं

सराहना हर रिश्ते की संजीवनी है। अगर जेठानी, देवरानी के किसी कार्य की सराहना करे, जैसे- “तुम ऑफिस के साथ घर भी कितनी अच्छी तरह संभाल लेती हो”, तो देवरानी का मनोबल बढ़ेगा। वहीं, देवरानी कहे- “दीदी, आप कितने सलीके से घर संभालती हैं”, तो जेठानी को सम्मान का अनुभव होगा।


सब आप पर निर्भर

रिलेशनशिप काउंसलर शोभना बताती हैं, गृहस्थी संभालना और नौकरी करना, दोनों ही कार्य अपने आपमें बहुत महत्वपूर्ण हैं। दोनों कार्यों में ही नई-नई चुनौतियां आती रहती हैं। यह सोचना कि मेरा काम ज्यादा मुश्किल है, मानसिक अपरिपक्वता की निशानी है। अपने ‘मैं’ को दूसरे के ‘मैं’ से टकराने पर मानसिक अशांति ही पैदा होती है। लेकिन अगर दोनों मिलकर ‘हम’ बन जाएं तो पूरे परिवार में एक लयबद्धता निर्मित हो जाती है। जो रिश्ते में बड़ी है, वह छोटी का ख्याल रखे और जो छोटी है, वह बड़ी का सम्मान करे। एक-दूसरे की कमियां खोजने के स्थान पर उसके अच्छे गुणों पर ध्यान देने से जेठानी और देवरानी के बीच आत्मीयता बनी रह सकती है। आप विवाद में जीना चाहती हैं या संवाद में, इसका निर्णय आपके अतिरिक्त कोई और नहीं कर सकता।
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