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UP Board Result 2026: यूपी बोर्ड रिजल्ट से पहले बच्चों में डर और तनाव बढ़ा, जानिए इसके साइड इफेक्ट

Thu, 23 Apr 2026 10:56 AM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Student Mental Health: रिजल्ट से पहले अनिश्चितता, फेल होने का डर, पैरेंट्स की अपेक्षाएं और सोशल तुलना बच्चों में तनाव बढ़ाती हैं। यह मानसिक दबाव अगर समय पर न संभाला जाए तो एंग्जायटी और डिप्रेशन का कारण बन सकता है।
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रिजल्ट से पहले तनाव में है आपका बच्चा तो करें ये काम - फोटो : AI

Board Exam Result Stress On Students: यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के रिजल्ट का इंतजार लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए एक बेहद संवेदनशील समय होता है। जहां एक तरफ उम्मीदें और सपने जुड़े होते हैं, वहीं दूसरी ओर डर, चिंता और अनिश्चितता भी बढ़ने लगती है। परीक्षा के परिणाम आने से पहले का यह समय कई बच्चों के लिए मानसिक दबाव का कारण बन जाता है लेकिन अक्सर इस पर खुलकर बात नहीं होती।

यह एक “साइलेंट मेंटल हेल्थ क्राइसिस” यानी छुपा हुआ मानसिक स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है, जहां बच्चे बाहर से सामान्य दिखते हैं लेकिन अंदर ही अंदर तनाव, घबराहट और ओवरथिंकिंग से जूझ रहे होते हैं। सोशल मीडिया पर तुलना, अभिभावकों की अपेक्षाएं और फेल होने का डर इस दबाव को और बढ़ा देते हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई बार इसके लक्षण समय रहते पहचान में नहीं आते। इसलिए जरूरी है कि इस मुद्दे को समझा जाए और बच्चों को सही साथ दिया जाए। यहां जानिए रिजल्ट से पहले प्रेशर क्यों बढ़ता है, इसका असर कब दिखता है और इससे निपटने के लिए क्या किया जा सकता है।


 

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क्यों बढ़ता है रिजल्ट का प्रेशर? - फोटो : Adobe stock

क्यों बढ़ता है रिजल्ट का प्रेशर?

रिजल्ट से पहले दबाव का सबसे बड़ा कारण अनिश्चितता होता है। बच्चों को यह नहीं पता होता कि उनका रिजल्ट कैसा आएगा, जिससे वे बार-बार ओवरथिंक करते हैं। इसके अलावा, परिवार और समाज की उम्मीदें, दोस्तों से तुलना और सोशल मीडिया पर टॉपर्स की कहानियां इस दबाव को और बढ़ा देती हैं। कई बच्चे खुद पर अवास्तविक लक्ष्य सेट कर लेते हैं, जो मानसिक तनाव को बढ़ाता है।

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असर कब दिखने लगता है? - फोटो : Freepik.com

असर कब दिखने लगता है?

इसका असर रिजल्ट से कुछ हफ्ते पहले ही दिखने लगता है। बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं, नींद कम हो जाती है, भूख में बदलाव आता है और वे अकेले रहना पसंद करने लगते हैं। कुछ मामलों में दिल की धड़कन तेज होना, पसीना आना या बार-बार नेगेटिव सोच आना भी इसके संकेत हो सकते हैं।

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पढ़ाई खत्म, लेकिन तनाव क्यों जारी? - फोटो : Freepik.com

पढ़ाई खत्म, लेकिन तनाव क्यों जारी?
 

अक्सर लोग सोचते हैं कि परीक्षा खत्म होने के बाद तनाव खत्म हो जाता है, लेकिन असल में रिजल्ट का इंतजार ज्यादा मुश्किल होता है। यह इंतजार से होने वाली बेचैनी होती है, जिसमें दिमाग लगातार संभावित परिणामों के बारे में सोचता रहता है, खासकर सबसे खराब स्थिति के बारे में।

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यह कितना खतरनाक हो सकता है? - फोटो : Adobe stock

यह कितना खतरनाक हो सकता है?

अगर यह तनाव लंबे समय तक बना रहे, तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल सकता है। कुछ बच्चे आत्मविश्वास खो देते हैं, खुद को दूसरों से कम समझने लगते हैं और गंभीर मामलों में डिप्रेशन के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है।

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रिजल्ट से पहले माता पिता औऱ बच्चे क्या करें - फोटो : Adobe stock

क्या करें?

बच्चों के लिए टिप्स
 

  • अपने दिमाग को व्यस्त रखें। किसी हॉबी, स्पोर्ट्स या फैमिली टाइम में समय व्यय करें।

  • नकारात्मक सोच को काबू करने के लिए माइंडफुलनेस अपनाएं।

  • रिजल्ट को जीवन का अंतिम फैसला न मानें।


अभिभावक के लिए टिप्स
 

  • बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न डालें।

  • उन्हें यह महसूस कराएं कि रिजल्ट से ज्यादा उनकी खुशी जरूरी है।

  • अगर जरूरत हो तो प्रोफेशनल काउंसलिंग लें।

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