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दूसरों के सामने बच्चों को डांटना कहीं पड़ ना जाए भारी

Thu, 23 May 2019 08:14 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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हर माता-पिता का बच्चों की परवरिश करने का तीरका अलग-अलग होता है। इसके बावजूद जाने-अनजाने में पैरेंट्स कुछ ऐसी गलती कर देते हैं जिससे वह बैड पैरंटिंग की कैटिगरी में आ जाते हैं। बता दें कि आपकी इन गलतियों का सीधा असर बच्चों पर पड़ेगा। साथ ही नकारात्मक असर भी दिखाई देने लगेंगे।। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं उन गलतियों के बारे में जो आप जाने-अनजाने में करते हैं और उससे बचना चाहिए।
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बेवजह डांटना
गलतियां हर किसी से होती हैं चाहे वो बड़े हों या छोटे। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पैरेंट्स बच्चों री गलतियों पर उन्हें बार-बार डांटें या किसी गलती पर जरुरत से ज्यादा डांटें। ऐसा करने से बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ता है। 
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दूसरों के सामने डांटना
बच्चों को अनुशासन में रखना अच्छी बात है लेकिन बहुत से माता-पिता की ऐसी आदत होती है कि वह डांटते वक्त इस बात का बिल्कुल ध्यान नहीं रखते कि वो बच्चे को किसके सामने डांट रहे हैं। किसी बाहरी व्यक्ति के सामने बच्चे को डांटना या मारना पूरी तरह से गलत है। ऐसा करने से आपका बच्चा दूसरों के सामने शर्मिंदगी महसूस करने लगता है।

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प्रोत्साहित ना करना
हर वक्त बच्चे को सलाह देते रहना भी गलत बात है। बच्चा अगर कोई काम खुद से करता है तो हर बार उसमें गलतियां निकालने और उसे सही तरीका क्या है यह बताने की बजाए उसे प्रोत्साहित करें। ऐसा करने से बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
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- फोटो : social media
दूसरों से तुलना करना
हर बच्चा अपने आप में अलग होता है। कोई पढ़ाई में अच्छा होता है तो कोई पेंटिंग में। अपने बच्चे के टैलेंट को पहचानें और उसकी तुलना दूसरे बच्चों से ना करें। ऐसा करने से आप बच्चे पर बेवजह का स्ट्रेस और प्रेशर क्रिएट करते हैं। 
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