टेक्स्टिंग एंग्जायटी के कारण
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टेक्स्टिंग एंग्जायटी के कारण
ओवरथिंकिंग
हर शब्द को लेकर ज्यादा सोचने से तनाव बढ़ता है। लोग संदेश या पढ़ते समय हर शब्द के मायनों को समझने की कोशिश करते हैं। ज्यादा सोचने के कारण भी तनाव महसूस होता है।
रिजेक्शन का डर
मैसेज बार बार लिखकर डिलीट करते हैं। लोग सोचते हैं कि सामने वाला क्या सोचेगा। टेक्स्टिंग को लेकर इस तरह के विचार एंग्जाइटी बढ़ा देते हैं।
तुरंत जवाब देने का दबाव
आजकल इंस्टेंट रिप्लाई की आदत ने स्ट्रेस बढ़ा दिया है। अगर आप तुरंत जवाब नहीं दे पाते तो देर से जवाब देते समय बहुत विचार करते हैं। वहीं सामने वाला आपका मैसेज सीन करके भी तुरंत जवाब नहीं देता, तो भी एंग्जाइटी होती है।
सोशल मीडिया का प्रभाव
ये सोशल मीडिया का जमाना है। इसमें लोग अन्य की ऑनलाइन एक्टिविटी देखकर खुद से तुलना करते हैं। इसका असर भी उनके मन मस्तिष्क पर पड़ता है।