फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वो तरीके जिनसे अपनी बेटी के आत्मविश्वास को बढ़ा सकते हैं

Wed, 28 Aug 2019 06:52 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
मां-बेटी - फोटो : pixabay
रेनू, एक प्राइवेट कंपनी में काम करती हैं। उनकी तीन साल की बेटी जिया जरा शर्मिली है। रेनू कहती हैं- अगर कोई मुझे अपनी बेटी के लिए एक गुण चुनने के लिए कहे तो मैं 'आत्मविश्वास' चुनूंगी। बिना आत्मविश्वास के सबकुछ अधूरा है। लड़कियों में आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है। चाहे स्कूल हो या फिर नौकरी, 21वीं सदी में बिना आत्मविश्वास के नहीं जिया जा सकता है। ये ही वजह है कि जब कोई मेरी बेटी से पांच शब्दों में खुद का वर्णन करने के लिए कहता है तो- वो आत्मविश्वास को सबसे ऊपर रखती है। उसके भीतर आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए कई बार हम उसे खतरे में भी डालने से परहेज नहीं करते। हमने उसके शर्मिले स्वभाव में ही उसके भीतर आत्मविश्वास को मजबूत किया है। 
विज्ञापन

2 of 4
बेटी - फोटो : pixabay
रेनू की ही तरह हर मां चाहती है कि उसकी बेटी में आत्मविश्वास कूट-कूटकर भरा हो ताकि जीवन के हर मोड़ पर वह परिस्थितियों का बहादुरी से सामना कर सके। बेटियों में आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है कि बचपन से ही उनकी परवरिश के वक्त उनको चुनौतियों का सामना करने दें, उन्हें किसी चीज को लेकर रोके-टोके ना बल्कि उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए हर संभव कोशिश करें।  
विज्ञापन

3 of 4
बेटी - फोटो : pixabay
कुछ वक्त पहले 8 से 14 साल की 14,00 लड़कियों पर एक सर्वे हुआ था। इसमें इन लड़कियों के आत्मविश्वास में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट बताई गई थी। सर्वे में कहा गया था कि चार में से तीन लड़कियां असफलता को लेकर डरती हैं और ये ही वजह है कि उनके भीतर आत्मविश्वास मजबूती से नहीं आ पाता। अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी बेटी में आत्मविश्वास मजबूत हो तो सबसे पहले उसका कंफर्ट जोन तोड़े और उसे रिस्क लेने दें।
विज्ञापन

4 of 4
मां-बच्चा - फोटो : pixabay
अक्सर घरों में लड़कियों पर कई तरह की रोक टोक लगा दी जाती है। घर से अकेले बाहर निकलने से लेकर रात के वक्त अकेले आने तक उनके मन में कई तरह का डर भर दिया जाता है। ऐसे में वे हर वक्त एक कंफर्ट जोन में रहती हैं और चुनौतियां का सामना करना नहीं सीख पाती हैं। आत्मविश्वास के लिए जरूरी है, बेटियों की सराहना करना। अपनी बेटी की सराहना करें। भविष्य के खतरों को लेकर सूची बनाकर बेटियों को बताएं कि उनका सामना कैसे करें और इन चुनौतियों से कैसे निपटे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें